विश्व के सबसे बड़े सुपरकंडक्टिंग फ्यूजन मैग्नेट का विकास

  • 29 Jul 2026

जुलाई 2026 में चीन ने विश्व के सबसे बड़े सुपरकंडक्टिंग फ्यूजन मैग्नेट (Superconducting Fusion Magnet) के सफल निर्माण एवं परीक्षण की घोषणा की। यह उसके कृत्रिम सूर्य (Artificial Sun) कार्यक्रम का प्रमुख घटक है, जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion) ऊर्जा का विकास करना है।

मुख्य बिंदु

  • चीन ने विश्व का सबसे बड़ा टोरॉयडल फील्ड सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट (Toroidal Field Superconducting Magnet) विकसित एवं परीक्षण किया है, जो नाभिकीय संलयन रिएक्टरों का एक महत्त्वपूर्ण घटक है।
  • D-आकार के इस मैग्नेट की लंबाई 21 मीटर, चौड़ाई 12 मीटर तथा वजन 582 टन है।
  • यह मैग्नेट अत्यंत शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न कर संलयन रिएक्टर के भीतर अति-उष्ण प्लाज़्मा को नियंत्रित अवस्था में बनाए रखता है, जिससे नियंत्रित नाभिकीय संलयन संभव हो पाता है।
  • इसे लगभग –269°C के तापमान पर 60 वर्षों तक कार्य करने तथा 100,000 एम्पीयर से अधिक विद्युत धारा वहन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • चीन की योजना 2027 तक बर्निंग प्लाज़्मा एक्सपेरिमेंटल सुपरकंडक्टिंग टोकामक को पूरा करने, 2030 के आसपास संलयन-आधारित विद्युत उत्पादन शुरू करने तथा आगे चलकर चीन फ़्यूज़न इंजीनियरिंग डेमोंस्ट्रेशन रिएक्टर (CFEDR) की स्थापना करने की है।