उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर ओजोन की असामान्य सांद्रता

  • 11 Aug 2026

हाल ही में वैज्ञानिकों ने उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर वायुमंडल की ऊपरी परत में ओजोन की असामान्य रूप से उच्च सांद्रता का पता लगाया। यह अप्रत्याशित खोज शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद कर रही है कि वायु धाराएं समताप मंडल के माध्यम से ओजोन का परिवहन किस प्रकार करती हैं।

मुख्य बिंदु

  • अध्ययन का प्रकाशन: अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन (AGU) द्वारा प्रकाशित ‘अर्थ एंड स्पेस साइंस’ जर्नल में प्रकाशित निष्कर्षों से सर्दियों के दौरान भारतीय उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र में समतापमंडलीय ओजोन के पुनर्वितरण के मात्रात्मक प्रायोगिक प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
  • अनुसंधान अभियान: यह अध्ययन NetRAD-ASMA अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत किया गया, जो एक राष्ट्रव्यापी वैज्ञानिक कार्यक्रम है और इसमें भारत के विभिन्न शोध संस्थानों ने भाग लिया।
  • अवलोकन नेटवर्क: शोधकर्ताओं ने इस असामान्य ओजोन घटना का अध्ययन करने के लिए वायुमंडलीय रडार, मौसम गुब्बारों, उपग्रहों एवं उन्नत वायुमंडलीय मॉडलों से प्राप्त आँकड़ों का उपयोग किया।
  • रडार अवलोकन: नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES) में स्वदेशी रूप से विकसित 206.5 MHz स्ट्रैटोस्फियर-ट्रोपोस्फियर रडार ने हरिंगहाटा, गडांकी और कोच्चि स्थित रडारों के साथ मिलकर अवलोकन संबंधी आँकड़े एकत्र किए।
  • उपग्रह से पुष्टि: ऑरा माइक्रोवेव लिम्ब साउंडर उपग्रह तथा INSAT-3DR से प्राप्त अवलोकनों ने स्वतंत्र रूप से ओजोन की इस असामान्य संरचना की पुष्टि की।