बैंककार बही साक्ष्‍य विधेयक, 2026 को संसद की मंजूरी

  • 11 Aug 2026

10 अगस्त, 2026 को राज्य सभा द्वारा पारित होने के साथ ही ‘बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026’ (Bankers’ Books Evidence Bill, 2026) को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी प्राप्त हो गई; इसे 5 अगस्त, 2026 को लोक सभा द्वारा पारित किया गया था।

मुख्य बिंदु

  • प्रतिस्थापन: इस विशेयक के पारित होने से औपनिवेशिक काल के बैंककार बही साक्ष्य अधिनियम, 1891 को भारत की तेजी से डिजिटल होती बैंकिंग प्रणाली के अनुरूप आधुनिक कानूनी ढाँचे से प्रतिस्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
  • डिजिटल अभिलेख: विधेयक में बैंककार बही से संबंधित साक्ष्यों के लिए एक कानून बनाने और इसे समकालीन डिजिटल बैंकिंग प्रथाओं के अनुरूप बनाने का प्रावधान है।
  • साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य: विधेयक में यह भी प्रावधान है कि बैंककार बही का इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य, वैध और कानूनी रूप से लागू करने योग्य होगा।
  • प्रौद्योगिकी-तटस्थ ढाँचा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कानून एक प्रौद्योगिकी-तटस्थ ढाँचा प्रदान करता है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल बैंकिंग अभिलेखों को मान्यता दी गई है।
  • अभिलेखों की अखंडता: इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल प्रतियाँ तब स्वीकार्य होंगी, जब वे मूल अभिलेखों का सटीक प्रतिनिधित्व करती हों या उनसे उचित रूप से तैयार की गई हों।
  • सुरक्षा उपाय: यह सुनिश्चित करना आवश्यक होगा कि अभिलेखों में अनधिकृत रूप से कोई परिवर्तन या छेड़छाड़ न की गई हो तथा किसी घटना के कारण उनकी शुचिता या सटीकता प्रभावित न हुई हो।