महाराष्ट्र में गिद्धों का पुनर्प्रवेश
- 07 Sep 2026
हाल ही में मेलघाट और पेंच टाइगर रिजर्व बंदी प्रजनन कार्यक्रम के तहत पाले गए गिद्धों (captive-bred vultures) के पुनर्प्रवेश के लिए भारत के सबसे सफल स्थलों के रूप में उभरे हैं, जहाँ छोड़े गए गिद्धों की उत्साहजनक जीवित रहने की दर दर्ज की गई है।
- गिद्धों का पुनर्प्रवेश: बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) ने दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच दोनों टाइगर रिजर्व में कुल 29 गिद्ध छोड़े।
- जीवित रहने की दर: छोड़े गए गिद्धों में 78% तक जीवित रहने की दर दर्ज की गई।
- अनुकूल आवास: दोनों रिजर्व पर्याप्त आहार उपलब्धता वाले तथा अपेक्षाकृत निर्बाध वन्यजीव आवास प्रदान करते हैं, जो छोड़े गए गिद्धों के लिए उपयुक्त हैं।
- प्रबंधन रणनीति: इस सफलता से गिद्धों को छोड़ने के लिए बनाए जाने वाले बाड़ों को संरक्षित वन्यजीव आवासों के और निकट स्थापित करने की रणनीति को समर्थन मिलता है।
- संरक्षण महत्व: यह पहल भारत में घटती गिद्ध आबादी के पुनरुद्धार के प्रयासों को मजबूत करती है।
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