2029 तक नशामुक्त भारत के लिए तीन वर्षीय रोडमैप
- 07 Sep 2026
6 सितंबर, 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए तीन वर्षीय रोडमैप और विजन दस्तावेज जारी किया, जिसका लक्ष्य वर्ष 2029 तक ‘नशामुक्त भारत’ बनाना है।
मुख्य बिंदु
- मिशन मोड: वर्ष 2026-29 की अवधि में मापनीय लक्ष्यों और निर्धारित समयसीमा के साथ मिशन मोड में कार्य किया जाएगा।
- राष्ट्रीय सुरक्षा: मादक पदार्थों की तस्करी को एक प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती के रूप में लिया जा रहा है।
- चार-स्तरीय NCORD: सरकार ने वर्ष 2019 में चार-स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) तंत्र स्थापित किया था।
- राज्य कार्यबल: सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित किए गए हैं।
- नेटवर्क-आधारित कार्रवाई: प्रवर्तन का फोकस केवल मादक पदार्थ जब्ती से हटकर पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने पर केंद्रित किया गया है।
- मादक पदार्थ जब्ती: वर्ष 2014-2026 के दौरान 1.19 करोड़ किलोग्राम से अधिक मादक और मन:प्रभावी पदार्थ जब्त किए गए।
- चार प्रमुख स्तंभ: रोडमैप खुफिया-आधारित प्रवर्तन, प्रीकर्सर नियंत्रण, मांग एवं हानि में कमी और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है।
- सिंथेटिक ड्रग्स: सिंथेटिक मादक पदार्थों और उनके निर्माण में प्रयुक्त रासायनिक प्रीकर्सर्स के नियंत्रण पर अधिक जोर दिया जाएगा।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


