विश्व मानचित्र के अधिक सटीक प्रतिनिधित्व हेतु UN प्रस्ताव
- 07 Sep 2026
4 सितंबर, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व मानचित्रों पर वैश्विक भू-भागों के अधिक सटीक और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व के पक्ष में एक प्रस्ताव अपनाया।
मुख्य बिंदु
- मतदान: प्रस्ताव के पक्ष में 164 मत पड़े, 6 देशों ने मतदान से दूरी बनाई और 1 मत विरोध में पड़ा।
- भारत का रुख: भारत ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया और अधिक सटीक एवं प्रतिनिधिक मानचित्रण पद्धतियों का समर्थन किया।
- मर्केटर प्रक्षेप: 16वीं शताब्दी में नौवहन के लिए विकसित मर्केटर प्रक्षेप (Mercator Projection) भूमध्य रेखा से दूर स्थित भूभागों के आकार को काफी विकृत कर देता है।
- अफ्रीका का विकृत चित्रण: इस प्रक्षेप में अफ्रीका उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों की तुलना में वास्तविक आकार से छोटा दिखाई देता है।
- वैश्विक प्रभाव: यह विकृति लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया के आकार संबंधी धारणा को भी प्रभावित करती है।
- भारत का स्पष्टीकरण: भारत ने किसी एक विशेष प्रक्षेप के बजाय समान क्षेत्रफल प्रक्षेपों (Equal Area Projections) पर व्यापक विचार का समर्थन किया।
- समान क्षेत्रफल प्रक्षेप: यह विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के सापेक्ष क्षेत्रफल को अधिक सटीक रूप से प्रदर्शित करता है।
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