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पारादीप सहित चार पत्तनों को ‘मेगा पोर्ट’ का दर्जा
- 28 Sep 2026
25 सितंबर, 2026 को केंद्र सरकार ने भारतीय पत्तन अधिनियम, 2025 की धारा 73 के तहत पारादीप सहित चार पत्तनों को ‘मेगा पोर्ट’ अधिसूचित किया।
मुख्य तथ्य
- चार मेगा पोर्ट: पारादीप, दीनदयाल-कांडला, जवाहरलाल नेहरू-न्हावा शेवा और मुंद्रा को ‘मेगा पोर्ट’ अधिसूचित किया गया।
- कानूनी आधार: धारा 73 के तहत निर्धारित मानदंड पूरा करने वाले मेजर और अन्य पत्तनों को केंद्र ‘मेगा पोर्ट’ अधिसूचित कर सकता है।
- पारादीप की उपलब्धि: ओडिशा स्थित पारादीप चार अधिसूचित पत्तनों में भारत के पूर्वी तट का एकमात्र ‘मेगा पोर्ट’ है।
- कार्गो रिकॉर्ड: पारादीप ने FY 2025-26 में रिकॉर्ड 156.45 MMT कार्गो संभाला, जो पिछले वित्त वर्ष से 4.02% अधिक था।
- विशेष स्थिति: ‘मेगा पोर्ट’ बनने के बाद भी संबंधित पत्तन की ‘मेजर’ अथवा ‘पोर्ट अदर दैन मेजर’ कानूनी स्थिति बरकरार रहती है।


