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MSCS के लिए नई ऑडिट रिपोर्टिंग व्यवस्था लागू
- 15 Oct 2026
14 अक्टूबर, 2026 को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने बहुराज्यीय सहकारी समितियों (MSCS) में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन बढ़ाने के लिए बहुराज्यीय सहकारी समितियाँ (लेखा परीक्षक रिपोर्ट) आदेश, 2026 — MSCARO को अनिवार्य किया।
मुख्य तथ्य
- नई व्यवस्था: MSCARO-2026 के तहत बहुराज्यीय सहकारी समितियों के लिए एकसमान, संरचित और जोखिम-आधारित वैधानिक ऑडिट रिपोर्टिंग व्यवस्था निर्धारित की गई है।
- कानूनी आधार: यह आदेश बहुराज्यीय सहकारी समितियाँ (संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 73(6) के अंतर्गत तैयार किया गया है।
- वित्तीय निगरानी: ऑडिट में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA), बकाया ऋण, जमा राशि, तरलता, निवेश और भुगतान चूक की जाँच होगी, ताकि वित्तीय जोखिमों की समय रहते पहचान हो सके।
- सुशासन: निदेशक मंडल की संरचना, निदेशकों की पात्रता, वार्षिक आम बैठक, वैधानिक समितियों और संबंधित पक्षों के साथ लेन-देन की भी जाँच की जाएगी।
- डिजिटल निगरानी: ऑडिट रिपोर्ट को केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार (CRCS) पोर्टल से जोड़कर स्वचालित जाँच, जोखिम आकलन और AI आधारित विश्लेषण की सुविधा विकसित की जा सकेगी।
- चरणबद्ध क्रियान्वयन: पहले चरण में ₹1,000 करोड़ की निर्धारित वित्तीय सीमा पार करने वाली बड़ी समितियाँ शामिल होंगी। आगे इसे ₹50 करोड़ की निर्धारित सीमा पार करने वाली समितियों तक विस्तारित करने का लक्ष्य है।
- साइबर एवं वित्तीय सुरक्षा: जहाँ लागू होगा, वहाँ ऑडिट में साइबर सुरक्षा, संदिग्ध लेन-देन और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के अनुपालन की भी जाँच होगी।


