2 नई झीलों के साथ भारत में रामसर स्थलों की संख्या 103 हुई

  • 16 Oct 2026

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 15 अक्टूबर, 2026 को चंडीगढ़ की सुखना आर्द्रभूमि और उत्तर प्रदेश की सौज झील को रामसर सूची में शामिल किए जाने की घोषणा की। इसके साथ भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 103 हो गई।

मुख्य तथ्य

  • नए रामसर स्थल: सुखना आर्द्रभूमि और सौज झील को अंतरराष्ट्रीय महत्त्व की आर्द्रभूमियों की सूची में शामिल किया गया है। इनका संरक्षण जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्त्वपूर्ण है।
  • सुखना आर्द्रभूमि: यह चंडीगढ़ में शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में स्थित मानव निर्मित जलाशय है। यह मध्य एशियाई प्रवासी पक्षी मार्ग (Central Asian Flyway) पर स्थित पक्षियों के लिए महत्त्वपूर्ण आश्रय स्थल है। यहाँ संकटग्रस्त पैलस फिश ईगल और ब्लैक पॉन्ड टर्टल जैसी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
  • सौज झील: यह उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में स्थित प्राकृतिक आर्द्रभूमि है। यह गंगा के बाढ़ क्षेत्र से संबंधित है तथा बड़ी संख्या में जलपक्षियों को आश्रय प्रदान करती है। इसे Important Bird and Biodiversity Area (IBA) भी घोषित किया गया है।
  • रामसर स्थल संख्या: अंतरराष्ट्रीय रामसर सूची में सुखना आर्द्रभूमि को 2602 और सौज झील को 2603 स्थल संख्या प्रदान की गई है।