“SIOFA” में भारत के प्रवेश को मंजूरी

  • 16 Oct 2026

केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर, 2026 को दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य पालन समझौते (SIOFA) में भारत के प्रवेश को मंजूरी दी। इस निर्णय का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में सतत मत्स्य पालन, समुद्री संसाधनों का संरक्षण और वैश्विक मत्स्य प्रबंधन में भारत की भागीदारी बढ़ाना है।

मुख्य तथ्य

  • SIOFA का उद्देश्य: यह दक्षिणी हिंद महासागर के खुले समुद्री क्षेत्र में मत्स्य संसाधनों के संरक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन और सतत उपयोग के लिए स्थापित क्षेत्रीय मत्स्य प्रबंधन व्यवस्था है।
  • भारत की वर्तमान स्थिति: भारत वर्ष 2022 से सहयोगी गैर-अनुबंधित पक्ष (CNCP) के रूप में जुड़ा है। सरकार की मंजूरी के बाद पूर्ण सदस्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
  • पूर्ण सदस्यता के लाभ: प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने पर भारत को मत्स्य प्रबंधन संबंधी निर्णयों, वैज्ञानिक समितियों और संरक्षण उपायों के निर्धारण में औपचारिक भागीदारी मिलेगी।
  • मत्स्य पालन के अवसर: भारतीय मत्स्य जहाजों को निर्धारित नियमों और अनुमतियों के अंतर्गत स्क्विड, टूथफिश और अल्फोंसिनो जैसी समुद्री प्रजातियों के दोहन के अवसर मिल सकते हैं।
  • वैज्ञानिक अनुसंधान: भारत मत्स्य भंडारों के आकलन, समुद्री जैव विविधता के अध्ययन और वैज्ञानिक आँकड़ों के आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ा सकेगा।
  • अवैध मत्स्य पालन पर नियंत्रण: SIOFA के अंतर्गत अवैध, असूचित और अनियमित मत्स्य पालन (IUU Fishing) रोकने तथा समुद्री निगरानी और निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाता है।
  • भारत की समुद्री नीति: दिसंबर 2025 में जारी खुले समुद्र में मत्स्य पालन संबंधी दिशानिर्देशों के साथ यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय मत्स्य गतिविधियों के विस्तार को प्रोत्साहित करेगा।