जबरन गुमशुदगी पर संयुक्त राष्ट्र में भारत का पक्ष

  • 21 Oct 2026

20 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में भारत ने जबरन गुमशुदगी रोकने के लिए जवाबदेही, पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

  • विदेश मंत्रालय की उप सचिव बरखा ताम्रकार ने जबरन गुमशुदगी पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह से संबंधित चर्चा में भारत का पक्ष रखा।
  • जबरन गुमशुदगी: जब किसी व्यक्ति को सरकारी अधिकारी या उनकी सहायता से हिरासत में लेकर उसकी गिरफ्तारी या ठिकाने की जानकारी छिपाई जाती है।
  • भारत ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करता है। अदालतें बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर कार्रवाई कर सकती हैं।
  • राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग, सूचना का अधिकार, स्वतंत्र मीडिया और नागरिक समाज भी मानवाधिकार शिकायतों के समाधान तथा जवाबदेही में भूमिका निभाते हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र की तीसरी समिति: यह सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक विषयों से संबंधित समिति है। इसमें मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है।
  • अंतरराष्ट्रीय संधि: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जबरन गुमशुदगी से सभी व्यक्तियों की सुरक्षा संबंधी अंतरराष्ट्रीय संधि 20 दिसंबर 2006 को अपनाई थी।