राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना


श्रम और रोजगार मंत्री द्वारा 2 अगस्त, 2021 को लोक सभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 में, राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना के तहत पूरे भारत में 58,000 से अधिक बच्चों को बाल श्रम से बचाया गया, उनका पुनर्वास किया गया और उन्हें मुख्यधारा में लाया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना (National Child Labour Project -NCLP) 1988 में बाल श्रमिकों के पुनर्वास के लिए शुरू की गई थी।

  • इस योजना के तहत जिला स्तर पर कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में 'जिला परियोजना समितियां' स्थापित की जाती हैं, जो परियोजना के कार्यान्वयन की देखरेख करती हैं।
  • इस योजना के तहत 9-14 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को बाल श्रम से हटाकर NCLP के विशेष प्रशिक्षण केंद्रों में रखा जाता है, जहां उन्हें औपचारिक शिक्षा प्रणाली की मुख्यधारा में लाने से पहले ब्रिज शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, मध्याह्न भोजन, वजीफा, स्वास्थ्य देखभाल आदि प्रदान किया जाता है।
  • 5-8 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान के साथ निकट समन्वय के माध्यम से औपचारिक शिक्षा प्रणाली से सीधे जोड़ा जाता है।
  • बेहतर निगरानी और कार्यान्वयन के माध्यम से NCLP को सफल बनाने के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल 'पेंसिल' (बाल श्रम प्रतिषेध के प्रभावी प्रवर्तन के लिए मंच) (Platform for Effective Enforcement for No Child Labour-PENCiL) विकसित किया गया है।