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चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि 9.2% रहने का अनुमान


राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जनवरी 2022 में जारी आंकड़ों के अनुसार भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पिछले वित्त वर्ष (2020-21) के 7.3% संकुचन के बाद चालू वित्त वर्ष (2021-22) में 9.2% की वृद्धि का अनुमान है।

महत्वपूर्ण तथ्य: हालांकि एनएसओ ने स्पष्ट किया कि है ये 'शुरुआती अनुमान' थे, जिसमें विभिन्न संकेतकों के वास्तविक प्रदर्शन के साथ-साथ महामारी के प्रसार को रोकने के लिए के लिए उठाए गए कदमों का इन अनुमानों के बाद के संशोधनों पर असर पड़ेगा।

  • वर्ष 2021-22 में स्थिर कीमतों (2011-12) पर वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद या सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान 147.54 लाख करोड़ रुपए है, जबकि वर्ष 2020-21 के लिए सकल घरेलू उत्पाद का अनंतिम अनुमान 135.13 लाख करोड़ रुपए है।
  • मूल कीमतों पर वास्तविक जीवीए (सकल मूल्य वर्द्धन) 2021-22 में135.22 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान जताया गया है, जो 2020-21 में 124.53 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले, 8.6% की वृद्धि दर्शाता है।
  • एनएसओ के जीवीए अनुमान से पता चलता है कि खनन क्षेत्र पिछले साल (2020-21) के 8.5% संकुचन के बाद 14.3% की वृद्धि के साथ दूसरों से आगे निकल गया, इसके बाद विनिर्माण क्षेत्र में 12.5% की वृद्धि देखी गई, जिसमें 2020-21 में 7.2% का संकुचन हो गया था।

अन्य तथ्य: जनवरी 2022 में लंदन स्थित आईएचएस मार्किट (IHS Markit) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक भारत जापान को पीछे छोड़कर एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत, वर्तमान में अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के बाद छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।