पीआईबी न्यूज आर्थिक

प्रयुक्त खाद्य तेल आधारित बायोडीजल


पेट्रोलियम मंत्री ने 4 मई, 2021 को इंडियन ऑयल के टिकरीकलां टर्मिनल, दिल्ली से ‘प्रयुक्त खाद्य तेल आधारित बायोडीजल’ (Used Cooking Oil based Biodiesel) मिश्रित डीजल की पहली आपूर्ति को हरी झंडी दिखाई।

महत्वपूर्ण तथ्य: प्रयुक्त खाद्य तेल को बायोडीजल में परिवर्तित करने और उद्यमिता के अवसरों को विकसित करने को लेकर एक इकोसिस्टम के लिए प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 10 अगस्त, 2019 को विश्व जैव ईंधन दिवस के अवसर पर ‘प्रयुक्त खाद्य तेल से उत्पादित बायोडीजल’ की खरीद के लिए अपनी दिलचस्पी व्यक्त की थी।

  • इस पहल के तहत, तेल विपणन कंपनियां पांच साल के लिए समय-समय पर वृद्धिशील मूल्य की गारंटी देते हैं और संभावित उद्यमियों को दस साल के लिए ऑफ-टेक गारंटी देती हैं।
  • इस शुरुआत के साथ जैव ऊर्जा का एक नया युग शुरू हुआ है, जो भारतीय पेट्रोलियम क्षेत्र में क्रांति लाएगा।

बायोडीजल: बायोडीजल एक वैकल्पिक ईंधन है, जो पारंपरिक या ‘जीवाश्म’ डीजल की तरह है। यह वनस्पति तेलों, पशु वसा, चरबी और अपशिष्ट खाद्य तेल से उत्पादित किया जाता है।

  • बायोडीजल का एक विशिष्ट लाभ इसकी कार्बन तटस्थता है। उदाहरण के लिए तिलहन कार्बनडाइऑक्साइड की उतनी ही मात्रा को अवशोषित करता है, जितना ईंधन का दहन होने पर निकलता है।
  • इसके अलावा बायोडीजल तेजी से जैवनिम्नीकरण होने वाला (rapidly biodegradable) और पूरी तरह गैर-विषैला है।

पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

मूरहेन योगा मैट


असम के मछुआरे समुदाय की छ: युवा लड़कियों द्वारा जल कुंभी (water hyacinth) से बायोडिग्रेडेबल तथा कंपोस्टेबल मैट (चटाई) (biodegradable and compostable yoga) विकसित की गई है। इस मैट को ‘मूरहेन योगा मैट’ (Moorhen Yoga Mat) के नाम से जाना जाता है।

महत्वपूर्ण तथ्य: ये लड़कियां मछुआरे समुदाय की हैं, जो गुवाहाटी शहर के दक्षिण पश्चिम में एक स्थायी मीठे पानी की झील दीपोर बील के बाहरी हिस्से में रहती हैं।

  • दीपोर बील रामसर स्थल (अंतरराष्ट्रीय महत्व की एक आर्द्रभूमि) और एक पक्षी वन्यजीव अभयारण्य के लिए विख्यात है।
  • यह झील मछुआरे समुदाय के 9 गांवों के लिए आजीविका का एक स्रोत बनी हुई है, जिन्होंने सदियों से इस बायोम का प्रयोग किया है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वे जलकुंभियों की अत्यधिक बढोतरी तथा जमाव से पीड़ित हैं।
  • जलकुंभी से आजीविका तथा मछुआरे समुदाय द्वारा जलकुम्भी की समस्या से निजात पाने के लिए 6 लड़कियों की अगुवाई में समस्त महिला समुदाय ‘सिमांग’ (जिसका अर्थ स्वप्न) को शामिल करते हुए यह भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्तशासी निकाय ‘उत्तर पूर्व प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग एवं पहुंच केंद्र’ की एक पहल है।
  • काम सोरई (दीपोर बील वन्य जीव अभ्यारण्य का एक निवासी पक्षी पर्पल मूरहेन) के नाम पर इसका नाम ‘मूरहेन योगा मैट’ रखा गया है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

श्रमिकों की औसत मासिक आय में 17% की गिरावट


5 मई, 2021 को अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के 'सेंटर फॉर सस्टेनेबल एम्प्लॉयमेंट, बेंगलुरू द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित होने वाली रिपोर्ट 'स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2021: वन इयर ऑफ कोविड-19' (State of Working India 2021: One Year of Covid-19) शीर्षक से जारी की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट मार्च 2020 से दिसंबर 2020 तक की अवधि में, रोजगार, आय, असमानता और गरीबी पर कोविड-19 के एक वर्ष के प्रभाव पर आधारित है।

  • रोजगार के बारे में, रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल-मई 2020 के बंद के दौरान देश भर में 100 मिलियन (10 करोड़) लोगों की नौकरियां चली गई थी। हालांकि इनमें से अधिकांश श्रमिकों को जून 2020 तक रोजगार मिल गया था, लगभग 15 मिलियन काम से बाहर रहे।
  • चार सदस्यों के एक औसत परिवार के लिए मासिक प्रति व्यक्ति आय जनवरी 2020 में 5,989 रुपये से अक्टूबर 2020 में लगभग 17% की गिरावट के साथ 4,979 रुपये थी।
  • लॉकडाउन के बाद, लगभग आधे वेतनभोगी कर्मचारी अनौपचारिक कार्यक्षेत्र में चले गए, या तो स्वरोजगार (30%), अनियमित वेतन (10%) या अनौपचारिक वेतनभोगी (9%) के रूप में।
  • 230 मिलियन (23 करोड़) लोगों के महामारी के दौरान प्रति दिन 375 के राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन सीमा से नीचे चले जाने के साथ, गरीबी दर ग्रामीण क्षेत्रों में 15% और शहरी क्षेत्रों में लगभग 20% बढ़ी है।

सामयिक खबरें आर्थिकी

व्यक्ति, लघु व्यवसाय और एमएसएमई के कोविड संबंधी तनावग्रस्त संपत्तियों के लिए समाधान ढांचा 2.0'


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 5 मई, 2021 को 'व्यक्ति, लघु व्यवसाय और एमएसएमई के कोविड संबंधी तनावग्रस्त संपत्तियों के लिए समाधान ढांचा 2.0' (Resolution Framework 2.0 for COVID-related stressed assets of individuals, small businesses and MSMEs) की घोषणा की।

उद्देश्य: छोटे और मध्यम व्यवसायों, व्यक्तिगत उधारकर्ताओं को देश भर में कोविड-19 की तीव्र दूसरी लहर के प्रतिकूल प्रभाव से बचाना।

महत्वपूर्ण तथ्य: 25 करोड़ रुपये तक कुल जोखिम (exposure) वाले व्यक्तियों, उधारकर्ताओं और एमएसएमई, जिन्होंने किसी भी पिछले ढांचे के तहत पुनर्गठन का लाभ नहीं उठाया है और जिन्हें 31 मार्च, 2021 तक मानक के रूप में वर्गीकृत किया गया था, वे समाधान ढांचा 2.0 के तहत लिए पात्र होंगे।

  • प्रस्तावित ढांचे के तहत पुनर्गठन को 30 सितंबर, 2021 तक लागू किया जा सकता है और लागू करने के 90 दिनों के भीतर इसे कार्यान्वित करना होगा।
  • समाधान ढांचा 1.0 के तहत अपने ऋणों का पुनर्गठन करने वाले व्यक्तिगत उधारकर्ताओं और छोटे व्यवसायों के संबंध में, जहां समाधान योजना को दो वर्ष से कम की अधिस्थगन की अनुमति दी गई है, उधार देने वाली संस्थाओं को इस तरह की योजनाओं में संशोधन के लिए इस विंडो का उपयोग करने की अनुमति दी जा रही है, ताकि अधिस्थगन अवधि और / या अवशिष्ट अवधि को कुल 2 वर्षों तक बढ़ाया जा सके।
  • पूर्व में पुनर्गठन किए गए छोटे व्यवसायों और एमएसएमई के संबंध में, कार्यशील पूंजी चक्र, मार्जिन आदि के पुनर्मूल्यांकन के आधार पर, कार्यशील पूंजी की स्वीकृत सीमाओं की समीक्षा करने के लिए, ऋण संस्थानों को एकबारगी उपाय के रूप में अनुमति दी गई है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप नियुक्ति

टी. रबी शंकर आरबीआई के डिप्टी-गवर्नर नियुक्त


3 मई 2021 को टी. रबी शंकर (T Rabi Sankar) ने तीन साल की अवधि तक या अगले आदेशों तक, जो भी पहले हो, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी-गवर्नर के रूप में पदभार ग्रहण किया।

  • शंकर ने बी पी कानूनगो की सेवानिवृत्ति के बाद उनका स्थान लिया है। शंकर डिप्टी-गवर्नर के पद पर पदोन्नत होने से पहले RBI के कार्यकारी निदेशक थे।
  • केंद्रीय बैंकर रबी शंकर 1990 में भारतीय रिजर्व बैंक में शामिल हुए और भारतीय रिजर्व बैंक में विभिन्न पदों पर काम किया है।
  • कार्यकारी निदेशक के रूप में, वे RBI में भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, फिनटेक और जोखिम निगरानी विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे। उनके विशेषज्ञता प्राप्त क्षेत्रों में विनिमय दर प्रबंधन, आरक्षित पोर्टफोलियो प्रबंधन, लोक ऋण प्रबंधन, मौद्रिक परिचालन और विकास, वित्तीय बाजारों का विनियमन और निगरानी, भुगतान प्रणाली और आईटी अवसंरचना शामिल हैं।
  • रबी शंकर ने सरकारी बॉन्ड बाजारों और ऋण प्रबंधन को विकसित करने पर आईएमएफ परामर्शदाता (2005-11) के रूप में भी कार्य किया है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व टूना दिवस


2 मई

महत्वपूर्ण तथ्य: यह दिवस संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा टूना मछली के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थापित किया गया है। पहली बार यह दिवस 2017 में मनाया गया।

  • टूना और टूना जैसी प्रजातियां दोनों विकसित और विकासशील देशों के लिए आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं। यह भोजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, इनका मांस ओमेगा -3 से समृद्ध है और इसमें खनिज, प्रोटीन और विटामिन बी-12 भी पाया जाता है।

संक्षिप्त खबरें संस्थान-संगठन

लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रयोगशाला


लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रयोगशाला (CCMB-LaCONES) की रिपोर्टों के आधार पर, नेहरू जूलॉजिकल पार्क (NZP), हैदराबाद में रखे गए आठ एशियाई शेरों में SARS-CoV-2 वायरस के संक्रमण की पुष्टि की गई है।

  • लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रयोगशाला (LaCONES) हैदराबाद में स्थित है।
  • यह वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की एक प्रयोगशाला है। यह कोशिकीय और आणविक जीव विज्ञान केंद्र (CCMB) का एक हिस्सा है। इसकी अवधारणा लालजी सिंह ने दी थी।
  • यह भारत की एकमात्र अनुसंधान सुविधा है, जो वन्यजीवों और उनके संसाधनों के संरक्षण और बचाव में लगी हुई है। इसकी स्थापना 1998 में केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, CSIR और आंध्र प्रदेश सरकार की मदद से की गई थी। इसे 2007 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था।

संक्षिप्त खबरें बैंकिंग, फाइनेंस, सेवा और बीमा

कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक की 'विकास नव संजीवनी’ ऋण योजना


धारवाड़ मुख्यालय वाले क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 'कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक' (KVB) ने 10 अप्रैल, 2021 को चिकित्सा क्षेत्र के लिए ऋण योजना 'विकास नव संजीवनी’ (Vikasa Nava Sanjeevini) शुरू की है।

  • ऋण योजना अस्पताल के भवन निर्माण, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना, नैदानिक प्रयोगशाला और फार्मेसी से संबंधित कुल परियोजना लागत का 85 प्रतिशत तक कवर करेगी।
  • ऋण योजना में अधिकतम 25 लाख रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी शामिल है। यह योजना सावधि ऋण चुकाने के लिए 9 साल की समय सीमा प्रदान करती है।
  • कर्नाटक विकास ग्रामीण बैंक के चेयरमैन पी गोपीकृष्ण हैं।

संक्षिप्त खबरें बिजनेस और सार्वजनिक उपक्रम

ReNew Power ने गुजरात में शुरू की 105 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना


अप्रैल 2021 में ReNew Power ने गुजरात के पाटन जिले में 105 मेगावाट की सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजना शुरू की है। परियोजना में 2.68 रुपये / kWh के टैरिफ पर स्वच्छ बिजली प्रदान करने के लिए गुजरात उर्जा विकास निगम (GUVNL) के साथ 25 साल का बिजली खरीद समझौता है।

  • मार्च के बाद से, ReNew Power ने गुजरात में 300 मेगावाट, राजस्थान में 110 मेगावाट और अब 105 मेगावाट की पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं को चालू करने की घोषणा की है।
  • ReNew Power एक भारतीय अक्षय ऊर्जा कंपनी है, जो गुरुग्राम, हरियाणा में स्थित है, इसे 2011 में सुमंत सिन्हा द्वारा स्थापित किया गया था।