पीआईबी न्यूज विज्ञान-प्रौद्योगिकी

दूरसंचार सुरक्षा


दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश ने 17 मई, 2021 को विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस के अवसर पर 'नेटवर्क सुरक्षा' में अधिकारियों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करने के लिए एक ऑनलाइन पाठ्यक्रम का उद्घाटन किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: पाठ्यक्रम का आयोजन दूरसंचार विभाग, भारत सरकार के प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान ‘राष्ट्रीय दूरसंचार नीति अनुसंधान, नवाचार एवं प्रशिक्षण संस्थान’ (NTIPRIT) द्वारा किया गया है।

  • यह नेटवर्क सुरक्षा में अधिकारियों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करने के लिए 36 घंटे (12 सप्ताह) का पाठ्यक्रम है और यह अपनी तरह का पहला पाठ्यक्रम है।
  • हालांकि, यह पाठ्यक्रम वर्तमान में दूरसंचार विभाग के अधिकारियों के लिए हैं, लेकिन इसे सरकार के अन्य अधिकारियों और धीरे-धीरे निजी क्षेत्र में भी विस्तार देने का प्रस्ताव है।
  • दूरसंचार सुरक्षा एक जटिल विषय है, जिसमें अनिवार्य तकनीकी विशिष्टताओं का अनुपालन, सुरक्षित कॉन्फिगरेशन्स (configurations) की तैनाती, विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला प्रबंधन सुनिश्चित करना, महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सुरक्षा जांच कर्मियों की नियुक्ति के अलावा दूरसंचार नेटवर्क के उपयोग के माध्यम से होने वाले उपभोक्ता संचार की सुरक्षा के लिए दिन-प्रतिदिन के संचालन प्रबंधन शामिल हैं।

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पश्चिम बंगाल सरकार करेगी विधान परिषद का गठन


मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में 17 मई, 2021को हुई कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पश्चिम बंगाल सरकार विधान परिषद का गठन करेगी।

महत्वपूर्ण तथ्य: विधान परिषद की स्थापना के लिए, एक विधेयक को विधान सभा में पेश करना होता है और फिर राज्यपाल की मंजूरी की आवश्यकता होती है।

  • पश्चिम बंगाल विधान परिषद की स्थापना 1952 में हुई थी, लेकिन 1969 में संयुक्त मोर्चा सरकार द्वारा इसे समाप्त कर दिया गया था।

विधान परिषद: संसद में लोक सभा की तरह राज्य में विधान सभा निचला सदन होता है। विधान परिषद राज्य में उच्च सदन है और यह राज्य सभा की तरह एक स्थायी सदन है।

  • विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल छ: साल का होता है और सदन के एक-तिहाई सदस्य हर दो साल बाद सेवानिवृत्त होते हैं।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत, संसद किसी राज्य में विधान परिषद का सृजन या इसकी समाप्ति कर सकती है, यदि उस राज्य की विधान सभा द्वारा विशेष बहुमत से इस आशय का प्रस्ताव पारित किया गया हो।
  • संविधान के अनुच्छेद 171 के अनुसार, विधान परिषद के कुल सदस्यों की संख्या राज्य विधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं होगी, किंतु यह सदस्य संख्या 40 से कम नहीं होनी चाहिये।

विधान परिषद सदस्यों का चुनाव: इस सदन के एक- तिहाई सदस्य विधान सभा द्वारा, एक- तिहाई स्थानीय निकायों जैसे- नगरपालिका या अन्य स्थानीय अधिकारियों द्वारा; 1/12 सदस्य को ऐसे राज्य के स्नातकों द्वारा चुना जाता है, जिन्होंने तीन वर्ष पूर्व स्नातक किया हो; 1/12 सदस्यों को 3 वर्षों से अध्यापन कार्य में लगे शिक्षकों द्वारा; तथा लगभग 1/6 सदस्य राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

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प्लाज्मा थेरेपी को कोविड-19 उपचार दिशा-निर्देशों से हटाया गया


इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की 17 मई, 2021 की एडवाइजरी के अनुसार, कोविड-19 के लिए अनुशंसित उपचार दिशा-निर्देशों से स्वस्थ हो चुके मरीजों के प्लाज्मा (convalescent plasma) के उपयोग को हटा दिया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य: हालांकि पिछले साल आईसीएमआर द्वारा 400 मरीजों पर किये गए परीक्षण, जिसे प्लासिड परीक्षण (PLACID trial) कहा जाता है, में यह पाया गया था कि प्लाज्मा के उपयोग से कोई महत्वपूर्ण लाभ नहीं मिला था, फिर भी प्लाज्मा थेरेपी के ‘ऑफ लेबल' इस्तेमाल की सिफारिश की गई थी।

  • कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्लाज्मा के उपयोग से वायरस के नए चिंताजनक उत्परिवर्तन को सुगम बनाने में भी भूमिका हो सकती है।
  • हाल ही में, ब्रिटिश मेडिकल जर्नल, लैंसेट ने इस बात की पुष्टि करते हुए पुख्ता सबूत प्रकाशित किए कि प्लाज्मा कोविड-19 से अस्पताल में होने वाली मौतों को कम करने में प्रभावी नहीं है।

रक्त प्लाज्मा: प्लाज्मा रक्त का तरल भाग है। हमारे रक्त का लगभग 55% प्लाज्मा है, और शेष 45% लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स हैं, जो प्लाज्मा में निलंबित हैं।

  • प्लाज्मा लगभग 92% पानी है। इसमें एल्ब्यूमिन, गामा ग्लोब्युलिन जैसे 7% महत्वपूर्ण प्रोटीन और 1% खनिज लवण, शर्करा, वसा, हार्मोन विटामिन भी होते हैं।
  • प्लाज्मा थेरेपी एक चिकित्सा प्रक्रिया है, जो एक स्वस्थ रोगी के रक्त का उपयोग संक्रमित व्यक्तियों पर एंटीबॉडी बनाने के लिए करती है।

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न्यू बिग 5 प्रोजेक्ट


  • 17 मई, 2021 को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के 'बिग फाइव' (Big Five) जानवरों में से दो ने कैमरे से शूटिंग के लिए ग्रह के 'न्यू बिग 5' (New Big 5) में जगह बनाई है।
  • महत्वपूर्ण तथ्य: 'न्यू बिग 5 प्रोजेक्ट' (New Big 5 project), दुनिया के 250 से अधिक वन्यजीव फोटोग्राफरों, संरक्षणवादियों और वन्यजीव चैरिटी की एक अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसमें पांच जानवरों को कैमरे से शूट करने के लिए नामित किया गया है। ये हाथी, ध्रुवीय भालू, गोरिल्ला, बाघ और शेर हैं।
  • इस वैश्विक सूची से ‘एक सींग वाला या भारतीय गैंडा’ गायब है।
  • काजीरंगा, पृथ्वी पर 55% से अधिक एक-सींग वाले गैंडों का निवास स्थल है। यहां हाथियों की एक बड़ी आबादी पाई जाती है और यह भारत में बाघों का सबसे अधिक घनत्व वाला स्थल है।
  • काजीरंगा के 'बिग फाइव' जानवरों में गैंडा, हाथी, बाघ, एशियाई जल भैंस और बारहसिंगा (swamp deer) शामिल हैं।
  • 'न्यू बिग 5 प्रोजेक्ट' का उद्देश्य दुनिया के वन्यजीवों के सामने आने वाले संकट के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, जिसमें निवास स्थान के नुकसान, मानव-वन्यजीव संघर्ष, अवैध शिकार, अवैध वन्यजीव व्यापार और जलवायु परिवर्तन शामिल हैं।
  • 'न्यू बिग 5 प्रोजेक्ट' के संस्थापक ब्रिटिश फोटोग्राफर ग्रीम ग्रीन हैं। अप्रैल 2020 में लॉन्च के बाद से, 50,000 से अधिक वन्यजीव प्रेमियों ने अपने पसंदीदा जानवरों को कैमरे से शूट करने के लिए वोट किया है।

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प्रतिष्ठित गणितज्ञ प्रो. एम एस नरसिम्हन का निधन


प्रतिष्ठित गणितज्ञ प्रो. एम एस नरसिम्हन का 16 मई, 2021 को निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे।

  • सीएस शेषाद्रि के साथ वे ‘नरसिम्हन-शेषाद्रि प्रमेय’ के लिए प्रसिद्ध थे, उन्होंने ‘अवकल ज्यामिति’ (Differential geometry) और ‘बीजगणितीय ज्यामिति’ (Algebraic geometry) में अग्रणी योगदान दिया था।
  • वे 2006 में विज्ञान के लिए 'किंग फैजल अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार' से सम्मानित होने वाले एकमात्र भारतीय थे।
  • वे 1982 से 1986 तक अंतरराष्ट्रीय गणितीय संघ (IMU) की कार्यकारी समिति के सदस्य और IMU के विकास और विनिमय आयोग (1986-94) के अध्यक्ष थे।
  • प्रोफेसर नरसिम्हन ‘द रॉयल सोसाइटी, लंदन’, ‘इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज’ और 'द एकेडमी ऑफ साइंसेज फॉर द डेवलपिंग वर्ल्ड' (TWAS) के फेलो थे।
  • वे भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (1988) के ‘श्रीनिवास रामानुजन पदक’ के प्राप्तकर्ता हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण (1990) और फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा 'शेवेलियर डी ल'ऑर्ड्रे डू मेरिट' (Chevalier de l'ordre du Merite) से सम्मानित किया गया था।
  • अन्य पुरस्कार और सम्मान: गणित के लिए TWAS पुरस्कार (1987), भारतीय विज्ञान कांग्रेस एसोसिएशन का सीवी रमन जन्म शताब्दी पुरस्कार (1994) तथा शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार (1975)।

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भारतीय भाषा सीखने वाला एक ऐप बनाने हेतु एक इनोवेशन चैलेंज


भारत सरकार के नागरिक जुड़ाव मंच MyGov, ने 17 मई, 2021 को उच्च शिक्षा विभाग के साथ साझेदारी में 'भारतीय भाषा सीखने वाला एक ऐप बनाने हेतु एक इनोवेशन चैलेंज' (Innovation Challenge for creating an Indian Language Learning App) लॉन्च किया है।

उद्देश्य: एक ऐसा ऐप बनाना, जो क्षेत्रीय भाषा साक्षरता को बढ़ावा दे सके, जिससे देश के भीतर अधिक से अधिक सांस्कृतिक समझ पैदा की जा सके।

  • MyGov ने एक ऐप बनाने के लिए इनोवेशन चैलेंज शुरू किया है, जो व्यक्तियों को किसी भी भारतीय भाषा के सरल वाक्यों को सीखने और भाषा का कामकाजी स्तर का ज्ञान हासिल करने में सक्षम बनाएगा।
  • इनोवेशन चैलेंज 27 मई, 2021 को बंद हो जाएगा। ऐप के प्रोटोटाइप प्रस्तुतियों के मूल्यांकन के बाद, शीर्ष 10 टीमों को प्रस्तुतीकरण देने के लिए आमंत्रित किया जाएगा और शीर्ष 3 का चयन जूरी द्वारा किया जाएगा।
  • इन शीर्ष तीनों चयनित प्रतियोगियों को ऐप को बेहतर बनाने के लिए 20 लाख, 10 लाख और 5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस


17 मई

2021 का विषय/अभियान: 'चुनौतीपूर्ण समय में डिजिटल परिवर्तन को तेज करना' (Accelerating Digital Transformation in challenging times)

महत्वपूर्ण तथ्य: वर्ष 1969 से 17 मई को प्रतिवर्ष विश्व दूरसंचार दिवस मनाया जाता है। 1865 में इसी दिन अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ की स्थापना हुई थी और पहले अंतरराष्ट्रीय टेलीग्राफ कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए गए थे।

इस दिवस का उद्देश्य उन संभावनाओं को तलाशने के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करना है, जो इंटरनेट और अन्य सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों (ICT) के उपयोग से समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को आगे ले जा सकती हैं।

खेल समाचार चर्चित खेल व्यक्तित्व

भारत के पूर्व दिग्गज हॉकी खिलाड़ी एम के कौशिक का निधन


ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता, भारत के पूर्व दिग्गज हॉकी खिलाड़ी व कोच एम के कौशिक का 8 मई, 2021 को कोविड-19 के कारण निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे।

  • 1980 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे, कौशिक ने एक खिलाड़ी और कोच के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। अपने खेल के दिनों के बाद, कौशिक भारतीय महिला और पुरुष टीमों के मुख्य कोच रहे।
  • 2002 में, उन्हें भारत में कोचिंग के लिए सर्वोच्च सम्मान द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया था। इससे पहले उन्हें 1998 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।