पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज


विश्व शौचालय दिवस (19 नवंबर) समारोह के हिस्से के रूप में, आवास और शहरी विकास मंत्रालय ने 14 नवंबर, 2021 को 'सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज' (Safaimitra Suraksha Challenge) पर एक सप्ताह तक चलने वाला जागरूकता अभियान शुरू किया। सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में कुल 246 शहर भाग ले रहे हैं।

(Image Source: http://swachhbharaturban.gov.in/)

महत्वपूर्ण तथ्य: इस चैलेंज के माध्यम से, मंत्रालय का उद्देश्य शहरों को अपने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के कार्यों को मशीनीकृत करने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि सफाई कर्मचारियों की मृत्यु को रोका जा सके।

  • मंत्रालय ने 19 नवंबर, 2020 को विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक सफाई की प्रथा को खत्म करने और मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सफाईमित्र सुरक्षा चैलेंज शुरू किया था।
  • सभी 246 भाग लेने वाले शहरों ने पहले ही एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक (Single-use plastic) पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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वैश्विक स्तर पर तंबाकू उपयोगकर्ताओं में गिरावट


16 नवंबर, 2021 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की चौथी वैश्विक तंबाकू प्रवृत्तियां रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट का शीर्षक 'डब्ल्यूएचओ ग्लोबल रिपोर्ट ऑन ट्रेंड्स इन प्रिवलेंस ऑफ टोबैको यूज 2000 - 2025' (WHO global report on trends in prevalence of tobacco use 2000 –2025) है।

(Image Source: https://www.who.int/)

महत्वपूर्ण तथ्य: रिपोर्ट के अनुसार 2015 में 1.32 बिलियन की तुलना में वैश्विक स्तर पर 1.30 बिलियन तंबाकू उपयोगकर्ता हैं। यह संख्या 2025 तक घटकर 1.27 बिलियन हो जाने की उम्मीद है।

  • 2020 में, वैश्विक आबादी का 22.3% ने तंबाकू का इस्तेमाल किया। सभी पुरुषों का 36.7% ने और दुनिया की 7.8% महिलाओं ने तंबाकू का इस्तेमाल किया।
  • 13-15 वर्ष की आयु के लगभग 38 मिलियन बच्चे वर्तमान में तंबाकू का उपयोग करते हैं, जिनमें 13 मिलियन लड़कियां और 25 मिलियन लड़के हैं।
  • अवैध तंबाकू व्यापार सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है क्योंकि इससे अक्सर सस्ते तंबाकू उत्पादों तक पहुंच बढ़ जाती है।
  • भारत उन साठ देशों में शामिल है, जो 2010 और 2025 के बीच तंबाकू के उपयोग में 30% की कमी के स्वैच्छिक वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने की राह पर हैं।
  • डब्ल्यूएचओ के दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र में वर्तमान में तंबाकू के उपयोग की दर सबसे अधिक है, जिसमें लगभग 432 मिलियन उपयोगकर्ता (इसकी आबादी का 29%) हैं। लेकिन इस क्षेत्र में तंबाकू का उपयोग सबसे तेजी से घट रहा है।

सामयिक खबरें अंतर्राष्ट्रीय

यूएनएचसीआर मिड-ईयर ट्रेंड रिपोर्ट 2021


संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी, 'संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय' (यूएनएचसीआर) के अनुसार इस वर्ष विश्व स्तर पर बलपूर्वक विस्थापित लोगों की संख्या 84 मिलियन से अधिक हो गई है।

(Image Source: UN)

महत्वपूर्ण तथ्य: इस विस्थापन के कारणों में हिंसा, असुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव शामिल हैं।

  • वैश्विक बलपूर्वक विस्थापन में 2020 के अंत में रिपोर्ट किए गए 82.4 मिलियन से तेज वृद्धि हुई है।
  • दुनिया भर में, विशेषकर अफ्रीका में कई सक्रिय संघर्षों के कारण अधिक लोग पलायन कर रहे हैं।
  • संघर्ष, कोविड -19, गरीबी, खाद्य असुरक्षा और जलवायु आपातकाल के घातक मिश्रण ने विस्थापितों की मानवीय दुर्दशा को बढ़ा दिया है, जिनमें से अधिकांश को विकासशील क्षेत्रों में आश्रय दिया जा रहा है।
  • तीव्र हिंसा के कारण अफगानिस्तान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया, मोजाम्बिक, म्यांमार, दक्षिण सूडान और साहेल क्षेत्र के देशों में अन्य स्थानों के साथ नए विस्थापन हुए हैं।

सामयिक खबरें विज्ञान-प्रौद्योगिकी

भारतीय नौसेना को चौथी स्कॉर्पीन पनडुब्बी 'वेला' सौंपी गई


मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने 9 नवंबर, 2021 को भारतीय नौसेना को परियोजना 'पी-75' की चौथी स्कॉर्पीन पनडुब्बी सौंप दी है, जिसे ‘आईएनएस वेला के रूप में कमीशन किया जाएगा।

महत्वपूर्ण तथ्य: जल्द ही इस पनडुब्बी को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा व भारतीय नौसेना की क्षमता को और बढ़ाया जाएगा।

  • परियोजना-75 में स्कॉर्पीन डिजाइन की छ: पनडुब्बियों का निर्माण शामिल हैं। इन पनडुब्बियों का निर्माण फ्रांस के नेवल ग्रुप के सहयोग से मुंबई स्थित 'मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड' में किया जा रहा है।
  • अब तक शिपयार्ड ने "स्कॉर्पीन" श्रेणी की तीन पनडुब्बियों नामत: 'कलवरी', 'खंडेरी' और 'करंज' को भारतीय नौसेना को सौंप दिया है, जो अब भारतीय नौसेना के अभियान में शामिल हैं।
  • पांचवीं पनडुब्बी 'वागीर', जिसे नवंबर 2020 में लॉन्च किया गया था, ने पहले ही अपना बंदरगाह परीक्षण शुरू कर दिया है, जबकि छठी पनडुब्बी, आईएनएस 'वाग्शीर' निर्माणाधीन है।

सामयिक खबरें पर्यावरण

जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक 2022


जर्मनवाच, न्यू क्लाइमेट इंस्टीट्यूट और क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क द्वारा संकलित जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक 2022 (Climate Change Performance Index: CCPI 2022) का 17वां संस्करण 9 नवंबर, 2021 को जारी किया गया।

(Image Source: https://ccpi.org/)

महत्वपूर्ण तथ्य: वार्षिक जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक वर्ष 2005 से प्रकाशित किया जाता है।

  • CCPI 60 देशों और यूरोपीय संघ के जलवायु संरक्षण प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए एक स्वतंत्र निगरानी उपकरण है।
  • समग्र रैंकिंग के पहले तीन स्थानों पर किसी भी देश को जगह नहीं दी गई है।
  • सूचकांक में डेनमार्क चौथे, स्वीडन पांचवें, नॉर्वे छठे, यूनाइटेड किंगडम सातवें तथा मोरक्को आठवें स्थान पर है।
  • सूचकांक में सबसे अंतिम 64वें स्थान पर कजाकिस्तान है।

सूचकांक में भारत की स्थिति: समग्र रैंकिंग में भारत 69.22 के स्कोर के साथ 10वें नंबर पर है। भारत ने अक्षय ऊर्जा श्रेणी को छोड़कर उच्च प्रदर्शन किया है, अक्षय ऊर्जा श्रेणी में इसे "मध्यम" स्थान दिया गया है। भारत अपेक्षाकृत कम प्रति व्यक्ति उत्सर्जन से लाभान्वित हो रहा है।

ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन श्रेणी: ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन श्रेणी में भी पहले तीन रैंक को खाली रखा गया है।

  • ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के मामले में यूनाइटेड किंगडम, स्वीडन, मेक्सिको, चिली और मिस्र शीर्ष स्थान पर हैं। भारत यहां भी 31.42 के स्कोर के साथ 10वें स्थान पर है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप अभियान/सम्मेलन/आयोजन

दुबई एयरशो


14 से 18 नवंबर, 2021 तक दुबई वर्ल्ड सेंट्रल के अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अब तक का सबसे बड़ा दुबई एयरशो आयोजित किया गया।

(Image Source: https://twitter.com/sarang_iaf/)

  • संयुक्त अरब अमीरात सरकार द्वारा निमंत्रण के बाद सारंग और सूर्यकिरण एरोबेटिक्स टीमों के साथ भारतीय वायु सेना (आईएएफ) दल ने भी दुबई एयर शो में भाग लिया।
  • इन टीमों ने दुनिया की कुछ बेहतरीन एरोबेटिक्स टीमों के साथ प्रदर्शन किया, जिनमें सऊदी हॉक्स (Saudi Hawks), रशियन नाइट्स (Russian Knights) और यूएई के अल फुरसान (Al Fursan) शामिल थे।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप युद्धाभ्यास/सैन्य अभियान

अभ्यास 'शक्ति 2021'


  • भारत - फ्रांस संयुक्त सैन्य अभ्यास 'शक्ति 2021' (Excercise 'SHAKTI 2021') का छठा संस्करण 15 से 26 नवंबर, 2021 तक फ्रांस के फ्रेजस में आयोजित किया जा रहा है।
  • गोरखा राइफल्स इन्फैंट्री बटालियन की एक प्लाटून इस द्विपक्षीय अभ्यास में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व कर रही है।
  • छठी लाइट आर्मर्ड ब्रिगेड (6th Light Armoured Brigade) की '21वीं मरीन इन्फैंट्री रेजिमेंट' (21st Marine Infantry Regiment) के सैनिकों द्वारा फ्रांसीसी पक्ष का प्रतिनिधित्व किया जा रहा है।
  • गोरखा राइफल्स दल की भारतीय टुकड़ी के पास 68 वर्षों का गौरवशाली इतिहास है। 1971 के युद्ध में उनके योगदान को 'बैटल ऑनर शिंगो रिवर वैली' (Battle Honour SHINGO River Valley) और जम्मू-कश्मीर के थिएटर ऑनर ने मान्यता दी है।
  • अभ्यास शक्ति संयुक्त राष्ट्र के तहत अर्ध- शहरी इलाके की पृष्ठभूमि में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना है।
  • अभ्यास शक्ति का पिछला संस्करण 2019 में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, राजस्थान में विदेशी प्रशिक्षण नोड में आयोजित किया गया था।
  • फ्रांस भारत के साथ तीन द्विवार्षिक प्रशिक्षण अभ्यास करता है- भारतीय वायु सेना के साथ अभ्यास 'गरुड़', भारतीय नौसेना के साथ अभ्यास 'वरुण' और भारतीय सेना के साथ अभ्यास 'शक्ति'।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (11 नवंबर)


महत्वपूर्ण तथ्य: यह दिवस2008 से हर साल मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर मनाया जाता है।

  • मौलाना अबुल कलाम आजाद स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे। मौलाना अबुल कलाम आजाद एक सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी थे।
  • मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म 1888 में मक्का, सऊदी अरब में हुआ था।
  • 1912 में, मौलाना अबुल कलाम आजाद ने मुसलमानों के बीच क्रांतिकारी रंगरूटों की संख्या को बढ़ाने के लिए उर्दू में एक साप्ताहिक पत्रिका 'अल-हिलाल' शुरू की थी।
  • उन्होंने 1947 से 1958 तक स्वतंत्र भारत के शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें 1992 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

संक्षिप्त खबरें संस्थान-संगठन

भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना संस्थान


भारतीय सेना ने 9 नवंबर, 2021 को गुजरात में गांधीनगर स्थित ‘भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना संस्थान’ (Bhaskaracharya National Institute for Space Applications and Geo-informatics: BISAG-N) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

(Image Source: https://bisag-n.in/)

  • BISAG-N एक स्वायत्त वैज्ञानिक सोसायटी है, जो भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी विकास और प्रबंधन, अनुसंधान और विकास, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सुविधा, क्षमता निर्माण औरप्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता विकास के लिए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत है।
  • BISAG-N का उद्देश्य भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों और भू-स्थानिक डेटा के आधार पर जमीनी स्तर के अनुप्रयोगों को केंद्र और राज्य स्तर पर ई-गवर्नेंस में शामिल करना है।
  • BISAG-N के तीन मुख्य डोमेन क्षेत्र हैं: उपग्रह संचार, भू-सूचना विज्ञान और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी।
  • BISAG-N ने अप्रैल 1997 में अपना संचालन शुरू किया। अब, यह ISO 9001: 2008, ISO 27001: 2005 और CMMI: [Level 5] प्रमाणित संस्थान के रूप में विकसित हो गया है।