पीआईबी न्यूज राष्ट्रीय

यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा पोचमपल्ली सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चयनित


संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) द्वारा तेलंगाना राज्य के पोचमपल्ली गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों में से एक के रूप में चुना गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार 2 दिसंबर, 2021 को मैड्रिड, स्पेन में यूएनडब्ल्यूटीओ महासभा के 24वें सत्र के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।

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उद्देश्य: ग्रामीण स्थलों के उत्कृष्ट उदाहरण वाले और यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा निर्दिष्ट नौ मूल्यांकन क्षेत्रों के अनुरूप अच्छी प्रथाओं का प्रदर्शन करने वाले गांवों को पुरस्कृत करना।

महत्वपूर्ण तथ्य: पर्यटन मंत्रालय ने भारत से यूएनडब्ल्यूटीओ सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव की प्रविष्टि के लिए तीन गांवों की सिफारिश की थी। ये मेघालय में कोंगथोंग, मध्य प्रदेश में लधपुरा खास और तेलंगाना में पोचमपल्ली थे।

पोचमपल्ली: हैदराबाद से 50 किलोमीटर दूर, पोचमपल्ली, तेलंगाना के नलगोंडा जिले का एक कस्बा है और इसे अक्सर उत्कृष्ट साड़ियों के लिए ‘भारत के सिल्क सिटी’ के रूप में जाना जाता है, जिसे ‘इकत’ (Ikat) नामक एक अनूठी शैली के माध्यम से बुना जाता है।

  • पोचमपल्ली की इकत शैली को 2004 में जीआई टैग प्रदान किया गया था। इकत एक मलेशियाई, इंडोनेशियाई शब्द है जिसका अर्थ है "टाई एंड डाई" (Tie and Dye)।
  • इकत में बुने जाने से पहले बंडल में बांधे गए धागे के भागों को पूर्व निर्धारित रंग के पैटर्न में लपेटने (या बांधने) और रंगाई की प्रक्रिया शामिल है।

भूदान पोचमपल्ली: पोचमपल्ली को ‘भूदान पोचमपल्ली’ के नाम से भी जाना जाता है, जो 18 अप्रैल, 1951 को इस गाँव से आचार्य विनोभा भावे द्वारा शुरू किए गए भूदान आंदोलन की स्मृति में है।

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वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना


आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) ने 17 नवंबर, 2021 को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-I, पीएमजीएसवाई-II और ‘वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना’ (Road Connectivity Project for Left-Wing Extremism Affected Areas: RCPLWEA) को जारी रखने की मंजूरी दी है।

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महत्वपूर्ण तथ्य: CCEA ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA) को मार्च 2023 तक जारी रखने के लिए अपनी मंजूरी दी है।

  • 9 राज्यों के 44 वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए RCPLWEA 2016 में शुरू की गई थी।
  • 9 राज्यों, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में 11,725 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सामरिक महत्व के 5,412 किलोमीटर लंबी सड़कों और 126 पुलों के निर्माण/उन्नयन का कार्य 2016 में शुरू किया गया।
  • 4,490 किलोमीटर लंबी सड़कों और 105 पुलों का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है।
  • लगभग 1,887 किलोमीटर की शेष परियोजनाओं और अतिरिक्त परियोजनाओं को, जिन्हें अभी तक स्वीकृत नहीं किया गया है, प्रस्तावित विस्तारित अवधि के भीतर यानी मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पृष्ठभूमि: पीएमजीएसवाई-I को निर्धारित जनसंख्या (2001 की जनगणना के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक जनसंख्या और उत्तर-पूर्व, पर्वतीय, आदिवासी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 से अधिक जनसंख्या) वाली सड़क से वंचित बसावटों के समग्र सामाजिक आर्थिक विकास के लिए को सभी मौसमों के अनुकूल सड़क संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। सरकार ने बाद में पीएमजीएसवाई-II, RCPLWEA और पीएमजीएसवाई-III नामक नई योजनाएं शुरू की।

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वाटर हीरोज


जल शक्ति मंत्रालय 1 दिसंबर, 2021 से 'वाटर हीरोज शेयर योर स्टोरीज प्रतियोगिता' (WATER HEROES - Share Your Stories Contest) शुरू करेगा।

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महत्वपूर्ण तथ्य: इस प्रतियोगिता का उद्देश्य देश भर से जल संरक्षण और प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रोत्साहित करना और संग्रहीत करना है।

  • इसका उद्देश्य जल क्षेत्र में परिवर्तनकारी कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए पूरे भारत में ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करना भी है।
  • प्रतियोगिता की यह शृंखला 30 नवंबर, 2022 को समाप्त हो जाएगी।
  • प्रतियोगिता के शुभारंभ के बाद, हर महीने पुरस्कारों पर विचार करने के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की जाएंगी। पुरस्कारों के लिए अधिकतम 10 प्रविष्टियों पर विचार किया जा सकता है। सभी चयनित प्रविष्टियों को प्रमाण पत्र के साथ 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

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पांच राज्यों के आकांक्षी जिलों के गांवों में मोबाइल सेवा प्रावधान की मंजूरी


17 नवंबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समिति ने पांच राज्यों आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के आकांक्षी जिलों के मोबाइल सेवा के दायरे से बाहर वाले गांवों में मोबाइल सेवा के प्रावधान के लिए मंजूरी दे दी है।

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महत्वपूर्ण तथ्य: परियोजना के तहत आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के 44 आकांक्षी जिलों के 7,287 गांव, जो मोबाइल सेवा के दायरे में नहीं हैं, उन गांवों में 4जी मोबाइल सेवाएं देने की परिकल्पना की गई है, जिसकी अनुमानित लागत 6,466 करोड़ रुपये है।

  • इस परियोजना का वित्तपोषण सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (Universal Service Obligation Fund: USOF) से किया जायेगा।
  • इस परियोजना को समझौते पर हस्ताक्षर हो जाने के बाद 18 महीने के भीतर, यानी नवंबर 2023 तक पूरा कर लिया जाना है।
  • चिह्नित गांवों में 4जी मोबाइल सेवा के प्रावधान से सम्बंधित कार्य को खुली प्रतिस्पर्धात्मक बोली प्रक्रिया के जरिये आवंटित किया जायेगा।
आकांक्षी जिलों के जो दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल सेवाओं का प्रावधान करने का मौजूदा प्रस्ताव आत्म-निर्भरता, सीखने की सुविधा, सूचना और ज्ञान का प्रसार, कौशल का उन्नयन और विकास तथा डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ायेगा।

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शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (ग्रामीण) 2021


17 नवंबर, 2021 को ‘प्रथम फाउंडेशन’ द्वारा जारी शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (ग्रामीण) 2021(Annual Status of Education Report: ASER Rural 2021) के अनुसार, महामारी के दौरान स्कूल में नामांकित नहीं होने वाले ग्रामीण बच्चों का प्रतिशत दोगुना हो गया।

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महवपूर्ण तथ्य: हालांकि सरकारी स्कूलों में नामांकन में वृद्धि देखी गई। सरकारी स्कूलों में नामांकन 2018 में 64.3% से बढ़कर 2021 में 70.3% हो गया, जबकि इसी अवधि में निजी स्कूलों में नामांकन 32.5% से गिरकर 24.4% हो गया।

  • हालांकि, नामांकन का मतलब यह नहीं है कि सीखने की गतिविधि हुई है।
  • कक्षा 1 और कक्षा 2 में नामांकित एक-तिहाई से अधिक बच्चे कभी स्कूल नहीं गए।
  • 6 से 14 साल के बच्चों वाले 76,000 से अधिक परिवारों के एक सर्वेक्षण में, ASERने पाया कि 92% बच्चों के पास पाठ्यपुस्तकें थीं, केवल एक-तिहाई के पास किसी भी अन्य शिक्षण संसाधनों तक पहुंच थी।
  • स्मार्टफोन की उपलब्धता और पहुंच सीमित होने के कारण, ऑनलाइन शिक्षा एक-चौथाई छात्रों तक ही सीमित थी।
  • उदाहरण के लिए, केरल के 91% और हिमाचल प्रदेश के लगभग 80% छात्रों ने ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त की, लेकिन बिहार से केवल 10% और पश्चिम बंगाल से 13% छात्र थे।

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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने विधिक सेवा दिवस मनाया


राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) ने 9 नवंबर, 2021 को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में विधिक सेवा दिवस मनाया।

(Image Source: https://mobile.twitter.com/NALSALegalAid)

महत्वपूर्ण तथ्य: समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्रदान करने और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए लोक अदालतों का आयोजन करने के लिए 'विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987' को 9 नवंबर, 1995 को लागू किया गया था।

  • विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत 5 दिसंबर, 1995 को 'राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण' (NALSA) का गठन किया गया।
  • NALSA की नीतियों और निर्देशों को प्रभावी बनाने और लोगों को मुफ्त कानूनी सेवाएं देने और राज्य में लोक अदालतों का संचालन करने के लिए प्रत्येक राज्य में 'राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण' का गठन किया गया है।
  • जिले में विधिक सेवा कार्यक्रम को क्रियान्वित करने के लिए प्रत्येक जिले में 'जिला विधिक सेवा प्राधिकरण' का गठन किया गया है।
  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 39ए में प्रावधान के अनुसार राज्य यह सुनिश्चित करेगा कि कानूनी प्रणाली का संचालन समान अवसर के आधार पर न्याय को बढ़ावा देता हो, और विशेष रूप से, उपयुक्त कानून या योजनाओं द्वारा मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेगा।

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मधुमेह के लिए ओरल मेडिसन


नवंबर 2021 में नेचर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार शोधकर्ताओं ने मधुमेह के इलाज के लिए एक ओरल मेडिसन (ORAL MEDICATION विकसित की है, जो रोग के सूजन प्रभाव को घटाने के साथ-साथ इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करता है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इसे येल विश्वविद्यालय के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर तारेक फाहमी द्वारा विकसित किया गया है। इससे रोगी आसानी से अपने उपचार का अनुपालन कर सकता है।

  • यह एक ही समय में मधुमेह के साथ तीन प्रमुख समस्याओं का समाधान करता है: यह तत्काल रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है, अग्नाशय के कार्य में सुधार करता है, और अग्नाशयी वातावरण में सामान्य प्रतिरक्षा को फिर से स्थापित करता है।
  • यह सब सामग्री से बने नैनोकैरियर के भीतर किया जाता है। नैनोपार्टिकल एक बहुलक एक पित्त अम्ल 'उर्सोडीऑक्सीकोलिक एसिड' (ursodeoxycholic acid) से बना है।
  • नैनोकैरियर के चिकित्सीय प्रभाव होते हैं, जो लोड किए गए एजेंट के साथ अल्पावधि में सामान्य चयापचय (metabolism) को बहाल करने के लिए काम करते हैं, और लंबी अवधि में प्रतिरक्षा क्षमता को बहाल करते हैं।

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हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी – 2021


हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (Indian Ocean Naval Symposium: IONS) के प्रमुखों के सम्मेलन के 7वें संस्करण की मेजबानी फ्रांसीसी नौसेना द्वारा पेरिस में 15-16 नवंबर, 2021 तक की जा रही है।

(Image Source: https://twitter.com/indiannavy)

  • प्रमुखों के सम्मेलन में IONS राष्ट्रों की नौसेनाओं के प्रमुख/ समुद्री एजेंसियों के प्रमुख भाग ले रहे हैं।
  • IONS संगोष्ठी का 7वां संस्करण 28 जून से 1 जुलाई, 2021 तक ले-रीयूनियन में कोविड प्रोटोकॉल के कारण हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित किया गया था। संगोष्ठी के दौरान, पेरिस में मौजूदा प्रमुखों के सम्मेलन आयोजित करने पर सहमति हुई थी।
  • IONS की परिकल्पना भारतीय नौसेना द्वारा 2008 में एक ऐसे फोरम के रूप में की गई थी, जो क्षेत्रीय रूप से प्रासंगिक सामुद्रिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक खुला और समावेशी मंच प्रदान करके हिंद महासागर क्षेत्र के तटवर्ती देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ाने का प्रयास करता है।
  • IONS का उद्घाटन संस्करण भारतीय नौसेना की दो साल की अध्यक्षता में फरवरी 2008 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। वर्तमान में IONS की अध्यक्षता फ्रांस के पास है।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप समझौते/संधि

पशुधन क्षेत्र में सुधार के लिए समझौता ज्ञापन


पशुपालन विभाग (DAHD) और डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) के बीच 17 नवंबर, 2021 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

  • यह समझौता ज्ञापन पशुपालन और डेयरी विभाग की विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से डेयरी उद्यमियों और डेयरी उद्योगों को लाभ के विस्तार की सुविधा प्रदान करेगा।
  • यह ऋण सहायता प्रदान करके, गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करके और आवश्यक प्रौद्योगिकी प्रदान करके ग्रामीण गरीबों के सतत विकास के लिए आय सृजना करने में भी मदद करेगा।

संक्षिप्त खबरें सार-संक्षेप चर्चित दिवस

विश्व निमोनिया दिवस (12 नवंबर)


2021 का विषय: 'स्टॉप निमोनिया/एवरी ब्रीथ काउंट्स' (Stop Pneumonia/ Every Breath Counts)

महत्वपूर्ण तथ्य: निमोनिया बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 12 नवंबर को ‘विश्व निमोनिया दिवस’ मनाया जाता है। विश्व निमोनिया दिवस पहली बार वर्ष 2009 में स्थापित किया गया था।

  • निमोनिया बीमारी से 2019 में दुनियाभर में 672,000 बच्चों सहित 2.5 मिलियन लोगों की मौत हुई थी।
  • कुल मिलाकर, भारत विश्व स्तर पर निमोनिया के बोझ में 23% का योगदान करता है, जबकि मृत्यु दर 14-30% के बीच है।