फ़सल विविधीकरण

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा दिया गया उत्तरः कृषि और किसान कल्याण विभाग (DA & FW) जल गहन धान के फसल क्षेत्र को दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, पोषक अनाज, कपास आदि जैस वैकल्पिक फसलों में विविधीकृत करने के लिए वर्ष 2013-14 से हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे हरित क्रांति वाले मूल राज्यों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की फसल विविधीकरण कार्यक्रम (CDP) नामक उपयोजना का कार्यान्वयन कर रहा है।

  • राज्य सरकारों के प्रयासों को पूरक बनाने के लिए बागवानी फसलों के विविध उत्पादन को एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) के तहत और राज्य की विशिष्ट जरूरतों/प्राथमिकताओं को आरकेवीवाई के तहत प्रोत्साहित किया जाता है।
  • किसानों की आय दोगुनी करने पर समिति की सिफारिश के अनुरूप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग वाली परियोजनाओं के लिए राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (UTs) से प्राप्त प्रस्तावों के वित्त पोषण को शामिल करने हेतु राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस कृषि योजना (NeGP-A) की केंद्र प्रायोजित योजना में संशोधन किया गया है।
  • सरकार ने संघीय किसान डेटाबेस पर आधारित सेवाओं और समाधानों के विकास के लिए अवधारणा प्रमाण (PoCs) विकसित करने हेतु विभिन्न निजी क्षेत्र की संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) भी किया है, जिनमें से कुछ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने के लिए हैं।

Source : सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल ऑनलाइन, अक्टूबर, 2021