सिक्योरिटीज मार्केट कोड विधेयक 2025: तीन कानूनों का एकीकरण
- 19 Dec 2025
18 दिसंबर, 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में सिक्योरिटीज मार्केट कोड विधेयक 2025 पेश किया, जो सिक्योरिटीज बाजार को नियंत्रित करने वाले तीन कानूनों को एकीकृत करने का प्रयास करता है तथा इसे वित्त स्थायी समिति को भेज दिया गया।
मुख्य तथ्य:
- एकीकरण का दायरा: विधेयक सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एक्ट 1956, सेबी एक्ट 1992 तथा डिपॉजिटरीज एक्ट 1996 को समेकित करता है।
- उद्देश्य: 2021-22 के संघ बजट में घोषित, विधेयक मौजूदा प्रावधानों को तर्कसंगत बनाता है तथा निवेशक संरक्षण व बड़े पैमाने पर पूँजी जुटाने हेतु आधुनिक नियामकीय ढाँचा प्रदान करता है।
- सेबी सदस्यता वृद्धि: सेबी के सदस्यों की संख्या वर्तमान 9 से बढ़ाकर 15 करने का प्रस्ताव; इसमें अध्यक्ष, केंद्र द्वारा नियुक्त 2 अधिकारी, RBI से एक एक्स-ऑफिशियो सदस्य तथा 11 अन्य, जिनमें कम से कम 5 पूर्णकालिक सदस्य (वर्तमान में 3) शामिल।
- अपराधमुक्तिकरण: "लघु, प्रक्रियागत व तकनीकी प्रकृति" के उल्लंघनों को दीवानी दंड में परिवर्तित करने का प्रस्ताव, जो कारोबार सुगमता व अनुपालन बोझ कम करेगा; अवैध लाभ/हानि को दीवानी दंड के दायरे में लाना तथा बाजार दुरुपयोग (इनसाइडर ट्रेडिंग) तक सीमित दंड।
- अन्य प्रावधान: उल्लंघन की तिथि से 8 वर्ष बाद निरीक्षण निषेध; बोर्ड सदस्यों को निर्णय पूर्व प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष हितों का खुलासा अनिवार्य; विपक्ष (DMK सांसद अरुण नेहरू, कांग्रेस मनीष तिवारी) ने एकल निकाय को अत्यधिक शक्तियाँ देने का विरोध किया, जिस पर सीतारमण ने समिति चर्चा का उल्लेख किया।
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