भारत–ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता
- 19 Dec 2025
18 दिसंबर, 2025 को भारत और ओमान ने मस्कट में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत ओमान भारत को अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच देगा, जो ओमान को भारत के कुल निर्यात के 99.38% को कवर करती है।
मुख्य तथ्य:
- टैरिफ रियायतें (ओमान द्वारा): ओमान की 98.08% कुल टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को लाभ मिलेगा।
- टैरिफ रियायतें (भारत द्वारा): भारत ने अपनी 77.79% टैरिफ लाइनों पर उदारीकृत शुल्क की पेशकश की है, जो ओमान से आयातित 94.81% वस्तुओं को कवर करती है।
- व्यापार आँकड़े: 2024-25 में भारत ने ओमान को 4.06 अरब अमेरिकी डॉलर का माल निर्यात किया (भारत के कुल निर्यात का 0.93%) और 6.5 अरब डॉलर का आयात किया (कुल आयात का 0.91%)।
- द्विपक्षीय व्यापार समझौता: यह 2006 में अमेरिका के साथ समझौते के बाद ओमान का पहला द्विपक्षीय व्यापार समझौता है और जीसीसी देशों में भारत का दूसरा (पहला UAE के साथ 2022 में)।
- श्रम गतिशीलता प्रावधान: ओमान ने पहली बार मोड 4 के तहत व्यापक प्रतिबद्धताएँ दी हैं—इंट्रा-कॉर्पोरेट ट्रांसफ़रीज़ कोटा 20% से बढ़ाकर 50% किया गया; कॉन्ट्रैक्टुअल सर्विस सप्लायर्स की अनुमत अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 2 वर्ष की गई, साथ ही कुशल पेशेवरों के लिए प्रवेश व निवास शर्तें अधिक उदार की गई हैं; रत्न-आभूषण, टेक्सटाइल, चमड़ा, फुटवियर, कृषि, इंजीनियरिंग, दवा, मेडिकल डिवाइस व ऑटोमोबाइल जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में पूर्ण शुल्क-मुक्तकिया गया है।
- मोड 4 : मोड 4 के तहत प्रोफेशनल्स, इंट्रा-कॉर्पोरेट ट्रांसफरीज़ और कॉन्ट्रैक्टुअल सर्विस सप्लायर्स को दूसरे देश में अस्थायी रूप से कार्य करने की अनुमति दी जाती है; कोटा बढ़ाना और रहने की अवधि लंबी करना श्रम गतिशीलता, कौशल स्थानांतरण और सेवा क्षेत्र सहयोग को प्रोत्साहित करता है, विशेषकर IT, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में।
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