पॉपोकातेपेटल ज्वालामुखी के अंदर पहली 3D छवियाँ
- 06 Jan 2026
मेक्सिको के वैज्ञानिकों ने पॉपोकातेपेटल ज्वालामुखी के हाल ही में आंतरिक भाग की पहली त्रि-आयामी (3D) क्रॉस-सेक्शनल छवि तैयार की, जो लगभग 18 किमी गहराई तक मैग्मा जलाशयों की संरचना दिखाती है।
प्रमुख तथ्य:
- ज्वालामुखी का महत्व: पॉपोकातेपेटल दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है; इसके 100 किमी दायरे में लगभग 2.5 करोड़ लोग रहते हैं और पाँच हवाई अड्डे संभावित विस्फोट से प्रभावित हो सकते हैं।
- शोध दल और प्रक्रिया: UNAM के भूभौतिकी संस्थान में मारको कालो के नेतृत्व में टीम ने पाँच वर्षों तक उपकरणों से अध्ययन किया; सेस्मोग्राफ प्रति सेकंड 100 बार कंपन दर्ज करते हैं और AI आधारित विश्लेषण से भूमिगत मानचित्र बनाया गया।
- 3D मानचित्र की विशेषताएँ: छवि में 5,452 मीटर ऊँचे ज्वालामुखी के नीचे लगभग 18 किमी तक कई मैग्मा जलाशय दिखे, जो दक्षिण–पूर्वी हिस्से में अधिक घने हैं।
- पूर्व अध्ययन से अंतर: 15 वर्ष पहले की इमेजिंग कम-रिज़ॉल्यूशन और विरोधी निष्कर्षों वाली थी; अब सेस्मोग्राफ की संख्या 12 से बढ़ाकर 22 कर पूरे क्षेत्र को कवर किया गया।
- ज्वालामुखीय सक्रियता: यह ज्वालामुखी 20,000 वर्ष से अधिक पुराना है और 1994 से लगभग निरंतर सक्रिय है; अंतिम बड़ा विस्फोट 2023 में दर्ज हुआ।
- सेस्मिक टोमोग्राफी : यह तकनीक भूकंपीय तरंगों की गति और पथ में परिवर्तन के आधार पर भूमिगत घनत्व, तापमान और पदार्थ का अनुमान लगाती है। इससे मैग्मा चैंबर, गैस मार्ग और ठोस चट्टान क्षेत्रों की पहचान कर जोखिम मानचित्रण, प्रारंभिक चेतावनी और आपदा प्रबंधन योजनाओं को अधिक विश्वसनीय बनाया जाता है।
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