‘समुद्र प्रताप’
- 06 Jan 2026
5 जनवरी, 2026 को गोवा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक पोत ICGS ‘समुद्र प्रताप’ को औपचारिक रूप से तटरक्षक बेड़े में शामिल किया। यह स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए दो प्रदूषण नियंत्रण पोतों (Pollution Control Vessels – PCVs) में पहला है।
प्रमुख तथ्य:
- स्वदेशी निर्माण: ‘समुद्र प्रताप’ गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित है; इसमें 60% से अधिक स्वदेशी सामग्री उपयोग हुई है और यह तटरक्षक बेड़े का सबसे बड़ा पोत है।
- क्षमता में वृद्धि: पोत से समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया, अग्निशमन, समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
- बहु-भूमिका प्लेटफॉर्म: यह पोत प्रदूषण नियंत्रण के साथ गश्त और समुद्री सुरक्षा जैसी अनेक भूमिकाएँ निभाने में सक्षम है; रक्षा मंत्री ने युद्धपोतों में स्वदेशी सामग्री को 90% तक बढ़ाने का लक्ष्य दोहराया।
- उन्नत प्रणालियाँ: इसमें प्रदूषण पहचान प्रणाली, विशेष प्रतिक्रिया नौकाएँ, आधुनिक अग्निशमन उपकरण और हेलीकॉप्टर हैंगर सहित विमानन सुविधाएँ लगी हैं।
- समावेशिता: ‘समुद्र प्रताप’ पर पहली बार दो महिला अधिकारी तैनात होंगी, जिससे तटरक्षक बल अधिक समावेशी बनेगा।
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