भारत में दुर्लभ ‘एंट फ्लाई’ की 2 नई प्रजातियों की खोज
- 22 Jan 2026
जनवरी 2026 में, केरल एवं तमिलनाडु के शोधकर्ताओं ने भारत में अत्यंत दुर्लभ ‘एंट फ्लाई’ की 2 नई प्रजातियों की खोज की, जिनमें से एक दिल्ली के शहरी वन क्षेत्र से और दूसरी तमिलनाडु के पश्चिमी घाट में दर्ज की गयी।
- यह खोज शहरी हरित क्षेत्रों और जैव-विविधता हॉटस्पॉट्स के संरक्षण के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करती है।
मुख्य बिंदु
- नई प्रजातियाँ: खोजी गई दोनों प्रजातियाँ मेटाडोन घोरपडेई (Metadon ghorpadei) और मेटाडोन रीमेरी (Metadon reemeri) हैं, जो माइक्रोडॉन्टिनी (Microdontinae) उप-परिवार से संबंधित हैं।
- विशिष्ट जैविक व्यवहार: माइक्रोडॉन्टिनी मक्खियाँ ‘मिर्मेकोफिली’ नामक विशेष व्यवहार प्रदर्शित करती हैं, जिसमें इनके लार्वा चींटी के घोंसलों के भीतर रहते हैं और चींटियों के बच्चों (brood) पर निर्भर होते हैं, जिससे ये अत्यंत दुर्लभ और खोज में कठिन होती हैं।
- भारत में सीमित अभिलेख: इस खोज से पहले भारत में मेटाडोन वंश की केवल 6 प्रजातियाँ ज्ञात थीं। वैश्विक स्तर पर माइक्रोडॉन्टिनी की 454 प्रजातियों में से मात्र 27 ही भारतीय उपमहाद्वीप में पाई जाती हैं।
- शहरी वन में खोज (दिल्ली): मेटाडोन घोरपडेई दिल्ली के नॉर्दर्न रिज फ़ॉरेस्ट में पाई गई, जो सड़कों और आवासीय क्षेत्रों से घिरा एक पारिस्थितिक दबाव से ग्रस्त शहरी वन क्षेत्र है।
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