SIDBI में ₹5,000 करोड़ के इक्विटी निवेश को मंज़ूरी

  • 22 Jan 2026

21 जनवरी, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) में ₹5,000 करोड़ के इक्विटी निवेश को मंजूरी प्रदान की।

  • इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को आसानी से ऋण उपलब्ध कराना और उनके लिए धन की आपूर्ति को मजबूत करना है।

मुख्य बिंदु

  • निवेश का उद्देश्य: इस पूंजी (इक्विटी) सहायता का लक्ष्य SIDBI की ऋण देने की क्षमता बढ़ाना और MSMEs को किफ़ायती ऋण सुविधा तक बेहतर पहुंच प्रदान करना है।
  • पूंजी का स्रोत: यह निवेश ‘वित्तीय सेवा विभाग’ (DFS) द्वारा किया जाएगा।
  • MSME कवरेज का विस्तार: SIDBI से वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले MSMEs की संख्या वित्त वर्ष 2025 में 76.26 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2028 तक लगभग 102 लाख होने की संभावना है, जिससे करीब 25.74 लाख नए लाभार्थी जुड़ेंगे।
  • रोज़गार सृजन: MSME मंत्रालय के अनुसार, भारत में MSMEs लगभग 30.16 करोड़ लोगों को रोज़गार प्रदान करते हैं। विस्तारित ऋण सहायता से वित्त वर्ष 2027-28 तक लगभग 1.12 करोड़ नए रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है।
  • जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में वृद्धि: निर्देशित ऋण, ऋण पोर्टफोलियो विस्तार, डिजिटल एवं बिना जमानत ऋण उत्पादों तथा स्टार्टअप्स के लिए वेंचर डेट समर्थन के कारण SIDBI की जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में वृद्धि का अनुमान है।
  • CRAR मानक: चरणबद्ध निवेश से SIDBI उच्च तनाव स्थितियों में CRAR को 10.50% से ऊपर तथा पिलर-1 और पिलर-2 मानकों के तहत अगले तीन वर्षों में 14.50% से ऊपर बनाए रखने में सक्षम होगा।