भारत का सैन्य क्वांटम मिशन पॉलिसी फ्रेमवर्क

  • 27 Jan 2026

22 जनवरी, 2026 को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने भारत की सैन्य क्वांटम मिशन नीतिगत रूपरेखा (Military Quantum Mission Policy Framework) जारी की।

  • यह कदम सैन्य योजना, सिद्धांत और परिचालन क्षमता में क्वांटम प्रौद्योगिकियों को शामिल करने की दिशा में एक निर्णायक परिवर्तन को दर्शाता है।

मुख्य बिंदु

  • उद्देश्य: इसका उद्देश्य क्वांटम तकनीकों के चार स्तंभों (क्वांटम संचार, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी, तथा क्वांटम सामग्री एवं उपकरण) को त्रि-सेवाओं (थल, जल, वायु सेना) में एकीकृत करना है।
  • महत्व: यह एकीकरण उन्हें भविष्य के युद्धक्षेत्र की तैयारी करने और तेजी से विकसित हो रहे विश्व में तकनीकी प्रभुत्व हासिल करने में सक्षम बनाएगा।
  • आधुनिक युद्ध में क्वांटम का महत्व: सैन्य बढ़त अब सूचना पर नियंत्रण, सुरक्षित संचार, सटीक संवेदन और त्वरित निर्णय-निर्माण से तय होती है; अक्सर उस क्षण से पहले ही जब सेनाएँ वास्तविक युद्धभूमि पर आमने-सामने होती हैं।
  • वैश्विक संदर्भ:
    • चीन अपनी “इंटेलिजेंटाइज्ड वारफेयर” अवधारणा में क्वांटम तकनीकों को शामिल करता है।
    • अमेरिका क्वांटम को अपने नेशनल क्वांटम इनिशिएटिव के तहत रणनीतिक सहायक के रूप में देखता है, जिसे दीर्घकालिक वित्तपोषण, शैक्षणिक संस्थान और उद्योग का समर्थन प्राप्त है।
    • दोनों देश भविष्य की लड़ाइयों के लिए क्वांटम श्रेष्ठता को अहम मानते हैं।
  • भारत की सामरिक अनिवार्यता: भारत ऐसे भू-मार्गों, सीमावर्ती क्षेत्रों और महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्गों में सक्रिय है जो निरंतर विवादित रहते हैं। यहाँ पर खोज-क्षमता में अल्प सुधार, सुरक्षित संचार की उपलब्धि, या प्रतिक्रिया समय में थोड़ी-सी बढ़त भी असाधारण रूप से विशाल सामरिक प्रभाव डाल सकती है।
  • राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ संरेखण: यह रूपरेखा मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के अनुरूप है, जो सशस्त्र बलों को भारत के राष्ट्रीय क्वांटम पारिस्थितिक तंत्र में सक्रिय भागीदार के रूप में स्थापित करती है।