श्री हरमंदिर साहिब को एफसीआरए के तहत अनुमति

( 09 September, 2020, ​केंद्रीय गृह मंत्रालय, www.pib.gov.in )


केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 9 सितंबर, 2020 को पंजाब के अमृतसर में स्थित हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत एफसीआरए पंजीकरण की अनुमति प्रदान की।

महत्वपूर्ण तथ्य: एफसीआरए पहली बार 1976 में अधिनियमित किया गया था, इसे 2010 में संशोधित किया गया।

  • एफसीआरए का उद्देश्य विदेशी अंशदान की स्वीकृति और उपयोग को विनियमित करने तथा राष्ट्रीय हित के लिए हानिकारक गतिविधियों के लिए इसके उपयोग को रोकना है।
  • इसके अंतर्गत किसी विदेशी श्रोत से निजी उपयोग हेतु उपहार तथा प्रतिभूतियों के अतिरिक्त प्राप्त होने वाली धनराशि तथा सामग्री को सम्मिलित किया जाता है।
  • अधिनियम की धारा 50 में केंद्र सरकार को, लोक हित में आवश्यक लगने पर, शर्तो के साथ किसी संगठन (राजनीतिक दल के अतिरिक्त) एफसीआरए के प्रावधानों से छूट देने संबंधी आदेश जारी करने की अनुमति दी गयी है।
  • कोई व्यक्ति अथवा संस्था एफसीआरए के अंतर्गत पंजीकरण अथवा केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही विदेशी अनुदान को स्वीकार कर सकता है।
  • स्वर्ण मंदिरके नाम से प्रसिद्ध, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री दरबार साहिब संस्था की स्थापना 1925 में सिख गुरुद्वारा अधिनियम के तहत हुई थी।
  • इसका उद्देश्य जनता/श्रद्धालुओं को चौबीस घंटे फ्री लंगर उपलब्ध कराना, गरीब और जरूरतमंदों को वित्तीय सहायता तथा चिकित्सा हेतु वित्तीय मदद देना है।

स्रोत : सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल ऑनलाइन. सितंबर 2020