सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) प्रौद्योगिकी का सफल परीक्षण
- 04 Feb 2026
3 फरवरी, 2026 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) प्रौद्योगिकी का सफल प्रदर्शन किया, जो भारत की उन्नत मिसाइल प्रणोदन क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मुख्य बिंदु
- सफल उड़ान परीक्षण: SFDR प्रौद्योगिकी के उड़ान परीक्षण से वास्तविक उड़ान परिस्थितियों में महत्वपूर्ण प्रणोदन प्रणालियों का सत्यापन हुआ।
- रणनीतिक महत्व: इस सफल प्रदर्शन के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास SFDR प्रौद्योगिकी है, जो अगली पीढ़ी की दीर्घ दूरी की हवा-से-हवा मिसाइलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- उन्नत मिसाइल क्षमता: SFDR प्रणोदन से अधिक दूरी, निरंतर उच्च गति तथा बेहतर गतिशीलता प्राप्त होती है, जो भारतीय सशस्त्र बलों को महत्वपूर्ण सामरिक बढ़त प्रदान करती है।
- उप-प्रणालियों का प्रदर्शन: उड़ान के दौरान नोज़ल-रहित बूस्टर, सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट मोटर तथा ईंधन प्रवाह नियंत्रक सहित सभी प्रमुख उप-प्रणालियों ने डिजाइन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदर्शन किया।
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