भारत-भूटान द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा
- 04 Feb 2026
3 फरवरी, 2026 को भारत और भूटान ने ऊर्जा क्षेत्र में अपनी दीर्घकालिक साझेदारी की समीक्षा करते हुए उसकी पुनः पुष्टि की। वार्ता का मुख्य केंद्र जलविद्युत विकास, सीमा-पार पारेषण तथा भविष्य की ऊर्जा सहयोग रहा।
मुख्य बिंदु
- पुनात्सांगछू-II परियोजना: दोनों पक्षों ने 1,020 मेगावाट क्षमता वाली पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना से विद्युत उत्पादन के व्यावसायिक रूप से सर्वोत्तम उपयोग पर गंभीर विचार-विमर्श किया।
- पुनात्सांगछू-I का संचालन: 1,200 मेगावाट क्षमता वाली पुनात्सांगछू-I जलविद्युत परियोजना के शीघ्र संचालन पर बल दिया गया, ताकि भूटान की उत्पादन क्षमता और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ हो सके।
- संकोश जलविद्युत परियोजना: प्रस्तावित संकोश जलविद्युत परियोजना की भावी रूपरेखा पर विचार-विमर्श हुआ, जिसे भविष्य के भारत–भूटान ऊर्जा सहयोग का एक प्रमुख स्तंभ माना गया।
- सीमा-पार पारेषण अवसंरचना: 2040 तक सीमा-पार पारेषण अवसंरचना के विकास की समीक्षा की गई, ताकि बढ़ते द्विपक्षीय विद्युत व्यापार को समर्थन मिल सके।
- ऐतिहासिक सहयोग: दोनों पक्षों ने स्मरण किया कि भारत-भूटान जलविद्युत सहयोग वर्ष 1961 में प्रारंभ हुआ था और इसे 2006 के जलविद्युत सहयोग समझौते के माध्यम से संस्थागत रूप दिया गया।
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