भारत-नीदरलैंड हाइड्रोजन फेलोशिप कार्यक्रम का शुभारंभ
- 09 Feb 2026
6 फरवरी, 2026 को भारत और नीदरलैंड ने स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को मजबूत करते हुए भारत–नीदरलैंड हाइड्रोजन फेलोशिप कार्यक्रम तथा ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय एवं भारत के 19 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) के मध्य नई शैक्षणिक साझेदारी की शुरुआत की।
मुख्य बिंदु
- नई स्वच्छ ऊर्जा पहल: हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और नवाचार को गति देने के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस फेलोशिप कार्यक्रम और शैक्षणिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त किया।
- क्षमता निर्माण पर ध्यान: हाइड्रोजन फेलोशिप कार्यक्रम एक राष्ट्रीय पहल है, जो भारतीय संस्थानों के डॉक्टोरल, पोस्टडॉक्टोरल और संकाय आवेदकों के लिए खुला है ताकि हाइड्रोजन प्रणालियों में विशेषज्ञता को मजबूत किया जा सके।
- अंतरराष्ट्रीय अनुभव: कार्यक्रम के अंतर्गत नीदरलैंड में प्रणाली एकीकरण, सुरक्षा, प्रौद्योगिक-आर्थिक विश्लेषण, जीवन-चक्र आकलन तथा स्वदेशीकरण के मार्गों जैसे क्षेत्रों में संरचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- शैक्षणिक साझेदारी समझौता: ग्रोनिंगन विश्वविद्यालय और 19 आईआईटी के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का उद्देश्य हाइड्रोजन और ग्रीन एनर्जी अनुसंधान में दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
- ज्ञान आदान-प्रदान: यह MoU संकाय और छात्र विनिमय, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं और ज्ञान-साझाकरण प्लेटफ़ॉर्म का समर्थन करेगा, बिना स्वतः वित्तीय प्रतिबद्धताओं के।
- नीतिगत सामंजस्य: ये पहलें राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, वर्ष 2047 तक ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हैं।
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