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'सिंगापुर मध्यस्थता अभिसमय' हई प्रभावी
- 16 Sep 2020
कॉर्पोरेट विवादों के समाधान हेतु 'सिंगापुर मध्यस्थता अभिसमय' (Singapore Convention on Mediation) 12 सितंबर, 2020 से प्रभावी हो गई है।
उद्देश्य: अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुविधाजनक बनाना; तथा सीमा पार वाणिज्यिक विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता को बढ़ावा देना।
महत्वपूर्ण तथ्य: अभिसमय, जिसे 'मध्यस्थता से अंतरराष्ट्रीय समाधान समझौतों पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय' भी कहा जाता है, सिंगापुर के नाम पर होने वाली संयुक्त राष्ट्र की पहली संधि है।
- 7 अगस्त, 2019 को 46 देशों ने 'सिंगापुर मध्यस्थता अभिसमय' पर हस्ताक्षर किए।
- 1 सितंबर, 2020 तक, अभिसमय में भारत, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 53 हस्ताक्षरकर्ता शामिल हैं। इक्वेडोर अभिसमय की पुष्टि करने वाला सबसे हालिया देश है।
- यह अभिसमय भारत और अभिसमय के हस्ताक्षरकर्ता अन्य देशों में व्यवसायों से जुड़े कॉर्पोरेट विवादों की मध्यस्थता को लागू करने के लिए अधिक प्रभावी तरीका प्रदान करेगी।
अभिसमय की विशेषताएं: अभिसमय मध्यस्थता के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समाधान समझौतों पर लागू होती है।
- यह अभिसमय न्यायिक और पंचाट फैसलों द्वारा प्रभावी होने वाले समाधान समझौतों पर लागू नहीं होती है।
- यह किसी पक्षकार (एक उपभोक्ता) के निजी, पारिवारिक या घरेलू उद्देश्यों के समाधान समझौते के साथ ही पारिवारिक विरासत या रोजगार कानून से संबंधित समाधान समझौतों पर लागू नहीं होती है।


