पुनर्योजी कोशिकाओं और सेंसरों के लिए केंद्रीय सुविधा केंद्र

  • 02 Mar 2026

1 मार्च, 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने तिरुवनंतपुरम स्थित बीआरआईसी-राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (BRIC-RGCB) में “पुनर्योजी कोशिकाओं और सेंसरों के लिए केंद्रीय सुविधा केंद्र” (Central Facility for Recombinant Cells and Sensors) का उद्घाटन किया।

  • यह सुविधा केंद्र जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा लगभग ₹60 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है।
  • इसका उद्देश्य भारत में औषधि खोज, चिकित्सीय अनुसंधान और कृषि जीनोमिक्स को मज़बूत करना है।
  • इस केंद्र में इंजीनियर्ड रिकॉम्बिनेंट कोशिकाएँ और उन्नत स्क्रीनिंग प्रणालियाँ स्थापित की गई हैं, जो लक्ष्य-विशिष्ट औषधि खोज को तेज़ करेंगी।
  • यह देश भर में शिक्षण संस्थानों, उद्योगों और स्वास्थ्य नवाचारकर्ताओं को सेवाएँ प्रदान करेगा, जिससे प्रयोगशाला अनुसंधान को शीघ्र ही चिकित्सीय उपयोग में बदला जा सकेगा।
  • इसी के साथ BRIC-राजीव गांधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र में एक समर्पित गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) सुविधा केंद्र की भी घोषणा की गई, जिसके लिए DBT द्वारा दो चरणों में कुल ₹80 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
  • यह GMP सुविधा केंद्र बायोलॉजिक्स और उन्नत कोशिका-आधारित उपचारों, जिनमें CAR-T थेरेपी शामिल है, के पूर्व-वाणिज्यिक उत्पादन को समर्थन प्रदान करेगा।