‘निंगोल वन पहल’ और वन संरक्षण का नया संकल्प
- 24 Mar 2026
21 मार्च, 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय वन दिवस’ के अवसर पर मणिपुर सरकार ने वनों की सुरक्षा, वनों की कटाई रोकने और अफीम (Poppy) की खेती जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के अपने संकल्प को दोहराया।
- इस अवसर पर “निंगोल वन पहल” (Ningol Van Initiative) का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य वन संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को सुदृढ़ करना है।
- पहल की विशेषताएं:
- महिलाओं की भूमिका: यह पहल वन संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी, विशेष रूप से महिलाओं की भूमिका को बढ़ावा देती है। “निंगोल” (Ningol) शब्द प्रकृति की संरक्षिका के रूप में महिलाओं के महत्व को रेखांकित करता है।
- विस्तार: इस पहल को राज्य के सभी 16 जिलों में विस्तारित किया जाएगा।
- वन आवरण: मणिपुर का 74% से अधिक क्षेत्र वन आवरण के अंतर्गत है, जो राज्य में आजीविका और खाद्य सुरक्षा का मुख्य आधार है।
- आजीविका और आर्थिक सशक्तीकरण:
- सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ: ‘वन-धन विकास केंद्रों’ (VDVKs) के तहत 11 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित की गई हैं।
- महिला नेतृत्व: इन इकाइयों में से लगभग 95% का संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। सरकार ने ‘वन-धन विकास केंद्रों’ के और अधिक विस्तार की योजना की घोषणा की है।
- पर्यावरण सुधार एवं चुनौतियां:
- अवैध खेती पर प्रहार: लगभग 970 हेक्टेयर क्षेत्र में की गई अफीम की अवैध खेती को नष्ट कर दिया गया है।
- पुनरुद्धार: इस मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग अब बांस और अन्य आवश्यक फसलों के रोपण के लिए किया जाएगा।
- चिंताएं: वनाग्नि और संसाधनों का अवैध निष्कर्षण अभी भी राज्य के लिए प्रमुख चिंता का विषय बने हुए हैं।
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