भारत द्वारा WTO सम्मेलन में व्यापार समझौतों पर जोर
- 30 Mar 2026
29 मार्च, 2026 को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) के 14वें मंत्रीस्तरीय सम्मेलन (MC-14) के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें कीं।
- उद्देश्य था व्यापार समझौतों को तेज़ी से आगे बढ़ाना और वैश्विक आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करना।
मुख्य बिंदु
- कनाडा के साथ वार्ता
- व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को शीघ्र पूरा करने पर चर्चा।
- स्वच्छ ऊर्जा, औषधि, परमाणु ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों पर फोकस।
- भारत-यूके व्यापार प्रगति
- भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के क्रियान्वयन की समीक्षा।
- व्यापारिक पहुँच और समझौते के उपयोग पर ज़ोर।
- न्यूज़ीलैंड के साथ वार्ता
- भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर प्रगति।
- कृषि (कीवी, सेब की खेती) और खेल में सहयोग।
- भारत-यूरोपीय संघ (EU) चर्चा
- भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रगति की समीक्षा।
- शीघ्र निष्कर्ष और व्यापारिक संबंधों के विस्तार पर ध्यान।
- WTO स्तर के मुद्दे
- बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली में सुधार।
- ई-कॉमर्स पर सीमा शुल्क के स्थगन पर चर्चा।
- विकास हेतु निवेश सुविधा समझौता।
- भारत का दृष्टिकोण
- WTO को सर्वसम्मति-आधारित एवं सदस्य-प्रेरित संगठन के रूप में रेखांकित किया।
- नए वार्तालाप से पहले कृषि-संबंधी मुद्दों के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


