नासा द्वारा आर्टेमिस-II मिशन का प्रक्षेपण
- 02 Apr 2026
1 अप्रैल, 2026 को नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने सफलतापूर्वक आर्टेमिस-II मिशन (Artemis II Mission) का प्रक्षेपण किया। यह मिशन पिछले 5 दशकों में पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है और मानव को पुनः चंद्रमा पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- मिशन का अवलोकन:
- यह आर्टेमिस कार्यक्रम के अंतर्गत पहला मानवयुक्त मिशन है।
- मिशन की अवधि लगभग 10 दिन होगी, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर पृथ्वी पर लौटेंगे।
- यह अब तक की सबसे दूरस्थ मानव अंतरिक्ष यात्रा है (लगभग 4,06,000 किमी)।
- प्रक्षेपण विवरण:
- प्रक्षेपण फ्लोरिडा स्थित केनेडी स्पेस सेंटर से किया गया।
- इसमें स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के साथ ओरायन कैप्सूल का उपयोग किया गया।
- चालक दल के सदस्य:
- रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टिना कोच (अमेरिका)।
- जेरेमी हैनसेन (कनाडा)।
- ऐतिहासिक महत्व:
- यह 53 वर्षों में पहली बार है जब मानव पृथ्वी की कक्षा से बाहर गया है।
- यह अपोलो मिशनों का उत्तरवर्ती है, जिनके तहत अंतिम बार 1972 में चंद्रमा पर मानव ने कदम रखा था।
- मिशन के उद्देश्य:
- ओरायन अंतरिक्ष यान की प्रणालियों और उसकी संचालन क्षमता का परीक्षण करना।
- भविष्य के चंद्र अवतरण मिशनों की तैयारी करना।
- आर्टेमिस कार्यक्रम की आगामी योजनाएँ:
- आर्टेमिस-IV मिशन के तहत 2028 तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मानव लैंडिंग का लक्ष्य रखा गया है।
- दीर्घकालिक लक्ष्य चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करना है।
- रणनीतिक संदर्भ:
- यह मिशन वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से चीन के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, चंद्र अन्वेषण में अमेरिका की नेतृत्वकारी भूमिका को सुदृढ़ करने का प्रयास है।
- तकनीकी पहलू:
- SLS रॉकेट और ओरायन यान की विश्वसनीयता का परीक्षण।
- उन्नत गहरे अंतरिक्ष नेविगेशन प्रणालियों का समेकन।
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