लूनर फ्लाई-बाय के बाद “आर्टेमिस II” की सुरक्षित वापसी
- 11 Apr 2026
10 अप्रैल, 2026 को नासा ने अपने ऐतिहासिक ‘आर्टेमिस II’ मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर एक साहसिक यात्रा के बाद सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं।
मुख्य बिंदु
- मिशन की उपलब्धि: 50 से अधिक वर्षों के लंबे अंतराल के बाद चंद्रमा के करीब जाने वाला यह पहला मानव मिशन है, जिसने प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक “स्प्लैशडाउन” (सुरक्षित लैंडिंग) किया।
- अंतरिक्ष यान का विवरण: इस मिशन के लिए लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक “ओरियन कैप्सूल” (इंटीग्रिटी) का उपयोग किया गया था।
- चालक दल के सदस्य: रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हेन्सन।
- मिशन के मुख्य रिकॉर्ड: मिशन के दौरान लगभग 6,94,000 मील की लंबी यात्रा की गई और पृथ्वी से लगभग 2,52,000 मील की रिकॉर्ड दूरी तय की गई। इसमें ‘लूनर फ्लाई-बाय’ और गहरे अंतरिक्ष की जटिल यात्रा शामिल थी।
- वापसी एवं रिकवरी: कैप्सूल ने ध्वनि की गति से लगभग 33 गुना अधिक गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, जहाँ इसे लगभग 5000°F के अत्यधिक तापमान का सामना करना पड़ा। सफल स्प्लैशडाउन के बाद अमेरिकी नौसेना ने रिकवरी ऑपरेशन को अंजाम दिया।
- ऐतिहासिक महत्व: चंद्र मिशन पर जाने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री, पहली महिला और पहले गैर-अमेरिकी नागरिक का रिकॉर्ड बना। अपोलो मिशनों के बाद यह पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है।
- कार्यक्रम की रूपरेखा: यह मिशन आर्टेमिस I (2022 का मानव रहित मिशन) की अगली कड़ी है, जो भविष्य के मून लैंडिंग मिशनों की ठोस नींव तैयार करता है।
- दीर्घकालिक लक्ष्य: चंद्रमा पर निरंतर मानवीय उपस्थिति स्थापित करना और इन चंद्र मिशनों को भविष्य में मंगल ग्रह (Mars) की खोज के लिए एक ‘लॉन्चपैड’ के रूप में उपयोग करना।
- समग्र वैज्ञानिक महत्व: यह गहरे अंतरिक्ष में मानव मिशनों के लिए अंतरिक्ष यान की सुरक्षा को पूरी तरह प्रमाणित करता है, वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया मील का पत्थर स्थापित करता है, और अंतरिक्ष विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को एक नई दिशा देता है।
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