सौर तंतुओं के अध्ययन से सूर्य के चुंबकीय रहस्य उजागर
- 18 Apr 2026
हाल ही में खगोलविदों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में सौर तंतुओं (Solar Filaments) के दोलनों (Oscillations) का विश्लेषण करके उनके छिपे हुए भौतिक गुणधर्मों का अनुमान लगाने की एक शक्तिशाली विधि का पता लगाया है, जिससे सूर्य की चुंबकीय संरचना के बारे में गहरी जानकारी प्राप्त होती है।
मुख्य बिंदु
- सूर्य के वायुमंडल में निलंबित ठंडे प्लाज्मा के विशाल बादल, जिन्हें सौर तंतु कहा जाता है, चुंबकीय क्षेत्रों द्वारा स्थिर रहते हैं।
- इनके चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति, आकार और आंतरिक संरचना का अध्ययन सौर विस्फोटों तथा अंतरिक्ष मौसम के पृथ्वी पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- इन गुणों का प्रत्यक्ष मापन कठिन होने के कारण वैज्ञानिक प्रोमिनेंस सीस्मोलॉजी तकनीक का उपयोग करते हैं, जिसमें तंतुओं के दोलनों के आधार पर उनकी आंतरिक स्थिति का अनुमान लगाया जाता है।
- आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (ARIES) के शोधकर्ताओं ने दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और स्पेन के इंस्टीट्यूट डी एस्ट्रोफिसिका डी कैनारियास के सहयोगियों के साथ मिलकर इस दृष्टिकोण को एक कदम आगे बढ़ाया है।
- शोध दल ने अवलोकन डेटा को सैद्धांतिक मॉडलों के साथ संयोजित करने हेतु बेयसियन विश्लेषण का उपयोग किया, जिससे अधिक सटीक आकलन संभव हुआ।
- निष्कर्षों से पता चला कि सीमित प्लाज्मा घनत्व जानकारी के बावजूद चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का विश्वसनीय अनुमान लगाया जा सकता है।
- एस्ट्रोफिज़िक्स नामक जर्नल में प्रकाशित यह अध्ययन सौर विस्फोटों के मॉडल और अंतरिक्ष मौसम के पूर्वानुमान को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
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