मालदीव के लिए ₹30 अरब की मुद्रा स्वैप सुविधा को मंज़ूरी
- 24 Apr 2026
23 अप्रैल, 2026 को भारत ने सार्क (SAARC) ढांचे के तहत मालदीव के लिए ₹30 अरब की मुद्रा स्वैप सुविधा को अपनी स्वीकृति दी, जो दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करता है।
मुख्य बिंदु
- स्वैप सुविधा का विवरण: यह ₹30 अरब की राशि “INR स्वैप विंडो” के तहत जारी की गई है और यह “सार्क मुद्रा स्वैप फ्रेमवर्क (2024–2027)” का एक हिस्सा है।
- समझौता करने वाले संस्थान: यह अहम समझौता भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (MMA) के बीच हुआ है।
- हालिया घटनाक्रम: मालदीव ने अक्टूबर 2024 में लिए गए 400 मिलियन डॉलर के स्वैप को चुका दिया है, जो उसकी अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।
- सहायता का मुख्य उद्देश्य: मालदीव के विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा देना, भुगतान संतुलन के दबाव को कम करना और उसकी व्यापक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना।
- रणनीतिक महत्व: यह भारत-मालदीव की आर्थिक साझेदारी को तो मज़बूत करता ही है, साथ ही इस क्षेत्र में किसी बाह्य आर्थिक प्रभाव को संतुलित करने में भी मदद करता है।
- नीतिगत संदर्भ: यह कदम भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विज़न महासागर (Vision MAHASAGAR) के पूरी तरह अनुरूप है।
- आर्थिक प्रभाव: वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में यह कदम मालदीव को तरलता प्रदान करता है, जिससे वित्तीय स्थिरता और निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। (ज्ञात हो कि 2012 से RBI मालदीव को 1.1 बिलियन डॉलर की सहायता दे चुका है)।
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