WHO ने नवजात शिशुओं हेतु मलेरिया के पहले उपचार को मंज़ूरी दी
- 27 Apr 2026
24 अप्रैल, 2026 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “आर्टेमेथर-ल्यूमफैंट्रिन” (Artemether-lumefantrine) को प्री-क्वालिफिकेशन मंज़ूरी दे दी है। यह विशेष रूप से नवजात शिशुओं के लिए डिज़ाइन किया गया पहला मलेरिया उपचार है, जो वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल में एक जीवन रक्षक उपलब्धि है।
मुख्य बिंदु
- शिशुओं के लिए पहली दवा: यह मलेरिया की पहली दवा है जिसे छोटे बच्चों और नवजातों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इससे पहले शिशुओं को बड़े बच्चों की दवाएँ दी जाती थीं, जिससे गलत खुराक और साइड इफेक्ट्स का भारी जोखिम रहता था।
- लाभार्थी आबादी: इस मंज़ूरी से मलेरिया से बुरी तरह प्रभावित अफ्रीकी क्षेत्रों में जन्म लेने वाले प्रतिवर्ष लगभग 3 करोड़ बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
- मलेरिया का बोझ: वर्ष 2024 में, दुनिया भर के 80 देशों में मलेरिया के लगभग 28.2 करोड़ मामले सामने आए और 6,10,000 मौतें हुईं।
- अफ्रीका में व्यापकता: वैश्विक मलेरिया के 95% मामले और मौतें अकेले अफ्रीका में होती हैं। मलेरिया से होने वाली कुल मौतों में 5 साल से कम उम्र के मासूम बच्चों की हिस्सेदारी करीब 75% है।
- चुनौतियाँ: WHO ने दवाओं और कीटनाशकों के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता, डायग्नोस्टिक विफलताओं और घटती विदेशी सहायता को मलेरिया से जंग में बड़ी बाधा बताया है।
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