चेरनोबिल के 40 वर्ष: UNGA द्वारा परमाणु सुरक्षा पर जोर
- 27 Apr 2026
24 अप्रैल, 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने मानव इतिहास की सबसे भयानक “चेरनोबिल परमाणु आपदा” की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग का आह्वान किया।
मुख्य बिंदु
- आपदा का पैमाना: 1986 में रिएक्टर नंबर 4 में हुए भयानक विस्फोट से यूक्रेन, बेलारूस और यूरोप के कई हिस्सों में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैल गया था।
- मानवीय त्रासदी: 80 लाख से अधिक लोग इस जानलेवा रेडिएशन के संपर्क में आए, हज़ारों लोगों ने अपनी जान गंवाई और कई बच्चे ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) जैसी लंबी बीमारियों का शिकार हुए।
- IAEA की भूमिका: इस अवसर पर UNGA ने परमाणु सुरक्षा, निगरानी एवं वैश्विक सहयोग सुनिश्चित करने में “अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी” (IAEA) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
- वैश्विक सहयोग की अपील: संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों से परमाणु सुरक्षा ढांचे को मज़बूत करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आग्रह किया।
- सीख: यह दुखद घटना हमें यह याद दिलाती है कि उचित नियमन, सावधानी और सुरक्षा-संस्कृति के अभाव में, अत्यंत लाभकारी तकनीकें भी विनाशकारी दानव का रूप ले सकती हैं।
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