DRDO ने उन्नत बख्तरबंद वाहनों का किया अनावरण
- 27 Apr 2026
25 अप्रैल, 2026 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (VRDE) में दो उन्नत बख्तरबंद वाहनों (ट्रैक्ड एवं व्हील्ड वेरियंट) का अनावरण किया।
मुख्य बिंदु
- क्रूलेस टरेट सिस्टम (मानवरहित प्रणाली): दोनों वाहन स्वदेशी रूप से विकसित 30 मिमी “क्रूलेस टरेट” से लैस हैं, जिसमें 7.62 मिमी PKT गन और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) लॉन्च करने की मारक क्षमता है।
- उच्च गतिशीलता: ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन एवं हाई-परफॉरमेंस इंजन से चलने वाले ये वाहन बेहतरीन गति, ढलान चढ़ने और बाधाओं को आसानी से पार करने में सक्षम हैं।
- उन्नत सुरक्षा: युद्ध के मैदान में सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इनमें STANAG लेवल 4 और लेवल 5 की मॉड्यूलर ब्लास्ट और बैलिस्टिक सुरक्षा दी गई है।
- STANAG (Standardization Agreement) का आशय NATO (नाटो) द्वारा निर्धारित मानकीकरण समझौते से है।
- उभयचर क्षमता: हाइड्रो-जेट तकनीक के जुड़ने से ये वाहन पानी की बाधाओं को पार कर सकते हैं, जिससे दुर्गम इलाकों में इनकी उपयोगिता बढ़ जाती है।
- स्वदेशीकरण एवं सहयोग: वर्तमान में इनमें 65% स्वदेशी सामग्री है, जिसे “आत्मनिर्भर भारत” के तहत DRDO ने 90% तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इन्हें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड, भारत फोर्ज लिमिटेड और MSMEs के सहयोग से विकसित किया गया है।
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