भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए नीति आयोग का नया रोडमैप
- 30 May 2026
29 मई, 2026 को नीति आयोग के 'फ्रंटियर टेक हब' ने "फ्यूचर ऑफ इंडियाज सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री" शीर्षक से देश का पहला व्यापक 10-वर्षीय रोडमैप जारी किया। यह रोडमैप वर्ष 2035 तक भारत को उच्च आयात निर्भरता से उबारकर वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग की एक प्रमुख शक्ति बनाने की रूपरेखा तैयार करता है।
मुख्य बिंदु
- विज़न और लक्ष्य: रोडमैप में वर्ष 2035 तक 120–150 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन विकसित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है।
- रणनीति के 5 स्तंभ (Five Pillars): यह रणनीति 5 स्तंभों पर टिकी है:
- अग्रणी फ्रंटियर आरएंडडी (R&D) और डिजाइन आईपी (Intellectual Property) तैयार करना।
- दीर्घकालिक पूंजी (Long-horizon Capital) जुटाने के लिए नीति और निवेश को बढ़ावा देना।
- उन्नत पैकेजिंग (Advanced Packaging) और कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स पर केंद्रित उत्पादन।
- संपूर्ण सेमीकंडक्टर प्रतिभा पिरामिड (Talent Pyramid) के स्तर पर लोगों को कुशल बनाना।
- विश्वसनीय देशों और वैश्विक उद्योगों के साथ साझेदारी।
- प्रमुख उद्देश्य: इस रोडमैप का लक्ष्य भारत को 'उन्नत पैकेजिंग' और OSAT (आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट) के लिए एक अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करना, कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स में नेतृत्व हासिल करना और 100 से अधिक उन्नत सेमीकंडक्टर डिज़ाइन आईपी बनाना है।
- ISM 2.0 के साथ संरेखण: यह रोडमैप केंद्रीय बजट 2026 में 'भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' (ISM 2.0) के तहत घोषित प्राथमिकताओं को सुदृढ़ करता है, जो पारिस्थितिक तंत्र के निर्माण (Ecosystem Creation) से पारिस्थितिकी तंत्र को गहरा करने (Ecosystem Deepening) की ओर भारत के कदम को दर्शाता है।
- रणनीतिक महत्व: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नेतृत्व हासिल करना भारत की तकनीकी संप्रभुता (Technological Sovereignty), डिजिटल बुनियादी ढांचे और व्यापक 'विकसित भारत@2047' के दृष्टिकोण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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