ATF के मूल्य स्थिरीकरण हेतु ₹10,000 करोड़ के पैकेज को मंजूरी
- 04 Jun 2026
3 जून, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न ईंधन मूल्य अस्थिरता के बीच एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को स्थिर रखने तथा भारतीय विमानन कंपनियों को राहत प्रदान करने के लिए तेल विपणन कंपनियों (OMCs) हेतु ₹10,000 करोड़ तक के एकमुश्त बजटीय सहायता पैकेज को मंजूरी दी।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण सहायता (ATF Price Stabilization Support) प्रदान करना, ताकि वैश्विक स्तर पर ईंधन की अस्थिर कीमतों का भारतीय एयरलाइंस और यात्रियों पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके।
- लाभार्थी: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करने वाली अनुसूचित भारतीय विमानन कंपनियां।
- निर्णय का कारण: पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण वैश्विक विमानन ईंधन कीमतों में तीव्र उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे विमानन परिचालन और हवाई किरायों की स्थिरता प्रभावित हुई है।
- कार्यान्वयन अवधि: एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण सहायता तंत्र 36 माह तक अथवा अग्रिम दी गई पूरी राशि की वसूली होने तक प्रभावी रहेगा।
- हवाई ईंधन का लागत बोझ: सामान्य परिस्थितियों में एयरलाइंस की परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी लगभग 40% होती है, जो अत्यधिक मूल्य अस्थिरता के दौरान बढ़कर 60% तक पहुंच सकती है।
- सरकार द्वारा उठाए गए अतिरिक्त कदम:
- घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी की अधिकतम सीमा (Cap) 25% तय की गई।
- घरेलू एयरलाइंस के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्कों में 25% की कटौती की गई।
- दिल्ली और महाराष्ट्र ने एटीएफ पर वैट (VAT) को घटाकर 7% कर दिया है, जिससे उन हवाई अड्डों को सीधा लाभ मिलेगा जो भारत के कुल एटीएफ उपभोग का लगभग 75–80% हिस्सा हैं।
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