SEBI ने पूंजी बाजार से संबंधित प्रमुख सुधारों को मंजूरी दी
- 20 Jun 2026
19 जून, 2026 को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने मुंबई में आयोजित अपनी 214वीं बोर्ड बैठक में बाजार की दक्षता, निवेशक सुविधा तथा विनियामकीय अनुपालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण सुधारों को मंजूरी प्रदान की।
मुख्य बिंदु
- SEBI ने क्विक ट्रांसमिशन प्रोसेसिंग (QTP) श्रेणी की शुरुआत की है, जिससे कम मूल्य वाले मामलों में कानूनी उत्तराधिकारियों एवं दावेदारों को सरल दस्तावेजी प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिभूतियों का त्वरित हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
- नियामक ने सरलीकृत दस्तावेजीकरण की सीमा में वृद्धि की है तथा कुछ निर्दिष्ट ट्रांसमिशन मामलों में स्थायी खाता संख्या (PAN) की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
- सत्यापन प्रक्रिया को अधिक सरल बनाने के लिए QR कोड युक्त मृत्यु प्रमाण-पत्रों को भी स्वीकार करने की अनुमति दी गई है।
- भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) भारत के प्रतिभूति बाजार का वैधानिक नियामक है, जिसकी स्थापना वर्ष 1988 में हुई थी तथा इसे SEBI अधिनियम, 1992 के तहत वैधानिक दर्जा प्रदान किया गया था।
- SEBI का प्रमुख उद्देश्य निवेशकों के हितों का संरक्षण करना तथा प्रतिभूति बाजार का विनियमन एवं विकास सुनिश्चित करना है।
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