डिजिटल जोखिम रिपोर्ट 2025-26 जारी
- 14 Jul 2026
13 जुलाई, 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In), वित्तीय क्षेत्र कंप्यूटर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया दल (CSIRT-Fin) और वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी SISA के साथ मिलकर भारत के बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा (BFSI) और भुगतान तंत्र के लिए ‘डिजिटल जोखिम रिपोर्ट 2025-26’ (Digital Threat Report 2025-26) जारी की।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: रिपोर्ट उभरते साइबर खतरों का आकलन करती है और बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा तथा भुगतान क्षेत्र के लिए रणनीतिक दिशा-निर्देश प्रदान करती है।
- प्रमुख निष्कर्ष: पिछले संस्करण में की गई 7 साइबर खतरा भविष्यवाणियों में से 6 पहले ही वास्तविक रूप ले चुकी हैं, जो साइबर जोखिमों के तेजी से बदलते स्वरूप को दर्शाता है।
- AI आधारित खतरा: रिपोर्ट ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित साइबर हमलों को एक प्रमुख उभरते खतरे के रूप में चिह्नित किया है, जिससे हमलावर कम लागत और अधिक गति से आक्रमण कर सकते हैं।
- मुख्य साइबर हमले: सोशल इंजीनियरिंग, पहचान संबंधी जानकारी की चोरी, आपूर्ति शृंखला पर हमले और क्लाउड प्रणालियों का दुरुपयोग अब स्थापित साइबर हमले के तरीके बन चुके हैं।
- साइबर विफलता ढाँचा: रिपोर्ट में साइबर सेंध का कारण बनने वाली प्रणालीगत कमजोरियों की पहचान के लिए चार-स्तरीय ‘साइबर विफलता की संरचना’ (Anatomy of Cyber Failure) फ्रेमवर्क प्रस्तुत किया गया है।
- कार्ययोजना: रिपोर्ट में बुनियादी सुरक्षा नियंत्रण, निरंतर जोखिम आकलन और साइबर लचीलापन मजबूत करने के लिए 18 माह की कार्ययोजना दी गई है।
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