जलवायु परिवर्तन से फ्रांस एवं स्पेन में वनाग्नि का खतरा बढ़ा
- 31 Jul 2026
30 जुलाई, 2026 को वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (WWA) समूह के विशेषज्ञों ने बताया कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन ने फ्रांस एवं स्पेन में हाल की भीषण वनाग्नियों को बढ़ावा देने वाली चरम मौसम परिस्थितियों की संभावना को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दिया है।
मुख्य बिंदु
- जलवायु परिवर्तन का प्रभाव: जीवाश्म ईंधनों के दहन से बढ़े ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के कारण वैश्विक औसत तापमान औद्योगिक-पूर्व स्तर की तुलना में लगभग 1.4°C बढ़ चुका है, जिससे वनाग्नि के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ अधिक बनने लगी हैं।
- चरम परिस्थितियों की आवृत्ति: वर्तमान जलवायु में ऐसी परिस्थितियाँ दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में औसतन 20 वर्ष में एक बार तथा मध्य स्पेन में लगभग 6 वर्ष में एक बार उत्पन्न होने की संभावना है।
- मौसमी स्वरूप: आर्द्र शीत ऋतु में वनस्पति का विकास होता है, जबकि शुष्क एवं गर्म वसंत तथा ग्रीष्म ऋतु उसी वनस्पति को सुखाकर वनाग्नि के लिए अत्यधिक ज्वलनशील ईंधन में बदल देती है।
- जोखिम न्यूनीकरण उपाय: वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि अग्निशमन प्रयासों के साथ-साथ जोखिम-संवेदनशील भू-दृश्य नियोजन अपनाया जाए, जिसमें वनाग्नि के मौसम से पहले सूखी वनस्पति की सफाई जैसे उपाय शामिल हों।
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