मछलीपट्टनम: माहे श्रेणी का 7वाँ पनडुब्बी रोधी युद्धपोत
- 31 Jul 2026
29 जुलाई, 2026 को भारतीय नौसेना ने स्वदेशी जहाज निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा निर्मित आठ माहे श्रेणी के पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोत (Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft-ASW SWC) में से सातवें पोत ‘मछलीपट्टनम’ (BY 529) का जलावतरण किया।
मुख्य बिंदु
- नामकरण: इस पोत का नाम आंध्र प्रदेश के ऐतिहासिक बंदरगाह नगर मछलीपट्टनम के नाम पर रखा गया है, जो भारत के पूर्वी तट पर अपनी समृद्ध समुद्री विरासत एवं प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध रहा है।
- संचालन भूमिका: यह पोत जलमग्न निगरानी (Underwater Surveillance), पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW), निम्न-तीव्रता समुद्री अभियान (LIMO) तथा माइंस युद्ध (Mine Warfare) अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- कार्यक्रम का उद्देश्य: माहे श्रेणी ASW SWC कार्यक्रम का उद्देश्य तटीय जलक्षेत्रों में जलमग्न खतरों का पता लगाने एवं उन्हें निष्क्रिय करने की भारतीय नौसेना की क्षमता को सुदृढ़ बनाना है।
- स्वदेशी सामग्री: 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश की रक्षा विनिर्माण क्षमता को भी मजबूत करती है।
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