क्लाउडेड लेपर्ड संरक्षण कार्ययोजना
- 05 Aug 2026
4 अगस्त, 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्लाउडेड लेपर्ड दिवस के अवसर पर भारत ने नवप्रारंभित ‘क्लाउडेड लेपर्ड संरक्षण कार्ययोजना’ (CAP) के माध्यम से एशिया की सबसे दुर्लभ वन्य बिल्ली प्रजातियों में से एक के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य बिंदु
- शुभारंभ: इस कार्ययोजना को जुलाई 2026 में कोयंबटूर में आयोजित राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की स्थायी समिति (SCNBWL) की 91वीं बैठक के दौरान जारी किया गया था।
- उद्देश्य: यह कार्ययोजना क्लाउडेड लेपर्ड के आवास संरक्षण, वन संपर्क, वैज्ञानिक निगरानी तथा सामुदायिक भागीदारी आधारित संरक्षण के लिए व्यापक रूपरेखा प्रदान करती है।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्र: कार्ययोजना में पूर्वोत्तर भारत के 14 प्राथमिक संरक्षण परिदृश्यों की पहचान आवास पुनर्स्थापन एवं वन्यजीव गलियारों के संरक्षण हेतु की गई है।
- वैज्ञानिक निगरानी: इसमें कैमरा ट्रैप, ऑक्यूपेंसी सर्वेक्षण, आनुवंशिक अध्ययन तथा पर्यावरणीय डीएनए (eDNA) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग: क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी एवं संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए M-STrIPES एप्लिकेशन के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है।
- संस्थागत समर्थन: क्लाउडेड लेपर्ड को 'इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ वाइल्डलाइफ़ हैबिटैट्स' (IDWH) योजना के तहत 'प्रजाति पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम' (Species Recovery Programme) में शामिल किया गया है।
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