IARC ने तीन सामान्य दवाओं को कैंसरकारी घोषित किया
- 05 Aug 2026
हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कैंसर अनुसंधान इकाई ‘इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर’ (IARC) ने व्यापक रूप से प्रयुक्त तीन दवाओं - हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड, वोरिकोनाज़ोल एवं टैक्रोलिमस को ग्रुप-1 कैंसरकारी (Carcinogens) के रूप में वर्गीकृत किया है।
मुख्य बिंदु
- IARC का आकलन: पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर इन तीनों दवाओं को ग्रुप-1 कैंसरकारी श्रेणी में रखा गया है।
- संबंधित दवाएँ: इनका उपयोग मुख्यतः उच्च रक्तचाप, फंगल संक्रमण तथा अंग प्रत्यारोपण के बाद अस्वीकृति (Rejection) रोकने के लिए किया जाता है।
- हाइड्रोक्लोरोथियाज़ाइड (Hydrochlorothiazide): पराबैंगनी (UV) विकिरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ने के कारण इसका संबंध स्क्वैमस सेल त्वचा कैंसर एवं होंठ के कैंसर से पाया गया है।
- वोरिकोनाज़ोल (Voriconazole): लंबे समय तक उपचार प्राप्त करने वाले प्रत्यारोपण रोगियों में इसका संबंध स्क्वैमस सेल त्वचा कैंसर से पाया गया है।
- टैक्रोलिमस (Tacrolimus): प्रतिरक्षा-दमनकारी (Immunosuppressive) प्रभाव के कारण इसका संबंध नॉन-हॉजकिन लिम्फोमा एवं पोस्ट-ट्रांसप्लांट लिम्फोप्रोलिफेरेटिव डिसऑर्डर से पाया गया है।
- रोगियों के लिए सलाह: विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि IARC का वर्गीकरण केवल संभावित खतरे (Hazard) को दर्शाता है, यह निर्धारित मात्रा पर वास्तविक जोखिम (Risk) का आकलन नहीं करता। इसलिए चिकित्सकीय परामर्श के बिना दवा बंद नहीं करनी चाहिए।
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