कराधान एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक, 2026

  • 07 Aug 2026

6 अगस्त, 2026 को लोक सभा ने कराधान एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक, 2026 [The Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026] पारित किया। इसका उद्देश्य कर प्रावधानों को सरल बनाना, विदेशी निवेश आकर्षित करना, विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित करना तथा भारत की वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

मुख्य बिंदु

  • UPI एवं RuPay: विधेयक में UPI एवं RuPay डेबिट कार्ड लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने पर रोक संबंधी कानूनी प्रावधान को हटाया गया है। हालांकि, इससे तत्काल MDR लागू नहीं होगा; भविष्य में इसे लागू करने के लिए अलग से सरकारी अधिसूचना आवश्यक होगी।
  • विदेशी फंड प्रबंधक: भारत में स्थानांतरित होने वाले विदेशी फंड प्रबंधकों के लिए कर नियमों को सरल बनाया गया है, जिससे विदेशी निवेश फंडों पर भारत में कर लगने का जोखिम कम होगा।
  • REITs एवं InvITs: यदि अधीनस्थ कंपनियाँ नई कर व्यवस्था अपनाती हैं, तब भी REITs (रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट) एवं InvITs (बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट) को प्राप्त लाभांश आय पर कर-मुक्त दर्जा बनाए रखा गया है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण: भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाइयों को मशीनरी उपलब्ध कराने वाली विदेशी कंपनियों के लिए कर प्रोत्साहनों की अवधि 10 वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है।
  • अन्य कर प्रोत्साहन: विधेयक में विदेशी हीरा व्यापार गतिविधियों तथा भारत में डेटा सेंटर संचालित करने वाले क्लाउड सेवा प्रदाताओं के लिए भी कर छूट का प्रावधान किया गया है।