AI से कैंसर की छिपी स्टेम-सदृश कोशिकाओं की पहचान संभव
- 13 Aug 2026
हाल ही में एस. एन. बोस राष्ट्रीय मूलभूत विज्ञान केंद्र (SNBNCBS) और अशोक विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक AI-आधारित फ्रेमवर्क विकसित किया है, जो दुर्लभ कैंसर स्टेम-जैसी कोशिकाओं की पहचान कर सकता है। ये कोशिकाएँ ट्यूमर की पुनरावृत्ति, मेटास्टेसिस एवं उपचार प्रतिरोध में योगदान कर सकती हैं।
मुख्य बिंदु
- तीन कोशिकीय अवस्थाएँ: यह फ्रेमवर्क कैंसर स्टेम-जैसी कोशिकाओं की तीन विकासात्मक अवस्थाओं - प्लुरिपोटेंट-जैसी, मल्टीपोटेंट-जैसी एवं यूनिपोटेंट-जैसी की पहचान करता है।
- कैंसर के परिणाम: अत्यधिक शक्तिशाली, प्लुरिपोटेंट-जैसी कैंसर स्टेम कोशिकाओं के उच्च स्तर वाले ट्यूमर का संबंध कम जीवित रहने की संभावना, पुनरावृत्ति के अधिक जोखिम तथा आधुनिक इम्यूनोथेरेपी के प्रति कम प्रतिक्रिया से पाया गया।
- उपचार प्रतिरोध: विश्लेषण में ऐसे आणविक कार्यक्रमों की पहचान की गई, जो कैंसर स्टेम-जैसी कोशिकाओं को उपचार के दौरान जीवित रहने, बदलती परिस्थितियों के अनुकूल होने तथा प्रतिरक्षा प्रणाली से बचने में सहायता कर सकते हैं।
- ओंकोमार्क प्लेटफॉर्म: यह शोध टीम के पूर्व विकसित ओंकोमार्क (OncoMark) AI प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसे कैंसर की प्रगति में शामिल जैविक प्रक्रियाओं के अध्ययन के लिए विकसित किया गया था।
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